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1.65 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
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जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर, केंदुझर और मयूरभंज जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित
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नदियों के उफान पर होने और कई गांवों के जलमग्न
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जनजीवन बुरी तरह प्रभावित
भुवनेश्वर। ओडिशा में जारी बाढ़ से पांच जिलों के छह लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने गुरुवार को बताया कि जाजपुर, भद्रक, बालेश्वर, केंदुझर और मयूरभंज जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हैं, जहां नदियों के उफान पर होने और कई गांवों के जलमग्न होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मंत्री ने कहा कि प्रशासन ने संवेदनशील और निचले इलाकों से लगभग 1.65 लाख लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया है। राहत एवं बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है। राहत शिविरों और बाढ़ प्रभावित गांवों में रह रहे लोगों को पका हुआ भोजन तथा अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। जिला प्रशासन के समन्वय से सरकार लगातार राहत और बचाव कार्य संचालित कर रही है।
बैतरणी का जलस्तर घटा, जाजपुर में दो स्थानों पर तटबंध टूटा
सुरेश पुजारी ने बताया कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में वर्षा कम होने के कारण बाढ़ की स्थिति में धीरे-धीरे सुधार हो रहा है। बैतरणी नदी का जलस्तर घटने लगा है और अखुआपड़ा में नदी अब खतरे के निशान से नीचे बह रही है। हालांकि, जाजपुर जिले में दो स्थानों पर तटबंध टूटने की घटनाएं सामने आई हैं, जिनसे निपटने के लिए प्रशासन आवश्यक कदम उठा रहा है।
तीन दिनों तक ओडिशा में भारी वर्षा की संभावना
उन्होंने बताया कि गुरुवार शाम तक मुंडली से लगभग नौ लाख क्यूसेक पानी गुजरने की संभावना थी। मंत्री ने कहा कि अगले तीन दिनों तक ओडिशा में भारी वर्षा की संभावना नहीं है, जिससे बाढ़ की स्थिति में और सुधार आने की उम्मीद है। हालांकि, 2 अगस्त के बाद फिर से बारिश होने की संभावना है। इसे देखते हुए राज्य सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और किसी भी संभावित परिस्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
भट्टारिका और सिंहनाथ मंदिर में धारा 163 लागू
क्षेत्र में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने कटक जिले के बाड़म्बा क्षेत्र स्थित भट्टारिका मंदिर और सिंहनाथ मंदिर परिसर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।
बाड़म्बा के कार्यकारी मजिस्ट्रेट द्वारा जारी आदेश के अनुसार यह निषेधाज्ञा सुबह 11 बजे तक प्रभावी रहेगी। इसका मुख्य उद्देश्य मंदिर क्षेत्र में लोगों के जीवन और संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
इसके साथ ही बाड़म्बा थाना के प्रभारी (आईआईसी) को मंदिर परिसर में कड़ी निगरानी रखने और स्थिति पर लगातार सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
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