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10 जिलों में शिक्षण संस्थान बंद
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बेहद धीमी गति से बढ़ रहे डीप डिप्रेशन ने बढ़ाई मुसीबत
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छह जिलों में 2.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित
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28 हजार सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए
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राहत-बचाव अभियान तेज
भुवनेश्वर। ओडिशा में बंगाल की खाड़ी से बने डीप डिप्रेशन के बेहद धीमी गति से आगे बढ़ने के कारण भारी से अति भारी वर्षा का सिलसिला जारी है, जिससे राज्य के कई हिस्सों में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के छह जिले-बालेश्वर, भद्रक, ढेंकानाल, जाजपुर, मयूरभंज और संबलपुर-सबसे अधिक प्रभावित हैं। इन जिलों के 44 ब्लॉक, 233 ग्राम पंचायतें और 748 गांव बाढ़ की चपेट में हैं, जबकि 2.03 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ढेंकानाल जिले में अब तक चार लोगों की तथा केंदुझर में एक अग्निशमन जवान मौत की पुष्टि हुई है।
बाढ़ की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने लगभग 28 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है तथा 232 राहत शिविर स्थापित किए हैं। प्रभावित परिवारों को चावल, चूड़ा, गुड़, पशु चारा और पॉलीथिन शीट सहित आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। ओड्राफ, एनडीआरएफ और अग्निशमन सेवा की टीमें लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।
करंट लगने से अग्निशमन जवान की मौत
केंदुझर जिले में बाढ़ राहत कार्य के दौरान एक अग्निशमन जवान की करंट लगने से मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब अग्निशमन विभाग की टीम सरकारी बालिका उच्च विद्यालय के निकट स्थित जलमग्न मकान से पंप के जरिए पानी निकाल रही थी। परिसर में लगी कपड़े सुखाने की तार अनजाने में बिजली के संपर्क में आ गई थी, जिससे वह करंट प्रवाहित करने लगी। राहत कार्य के दौरान जवान का हाथ तार से छू गया और उसे तेज बिजली का झटका लगा। साथी कर्मियों ने तत्काल उसे केंदुझर जिला मुख्यालय अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
बालेश्वर और भद्रक में फसलों और पशुधन को भारी नुकसान
बालेश्वर और भद्रक में फसलों और पशुधन को भारी नुकसान पहुंचा है, जबकि ढेंकानाल, बालेश्वर और भद्रक में जलस्तर अब भी ऊंचा बना हुआ है।
राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में लगातार भारी वर्षा
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, 25 जुलाई को उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र 26 जुलाई को डिप्रेशन और फिर डीप डिप्रेशन में बदल गया था। हालांकि यह प्रणाली अत्यंत धीमी गति से आगे बढ़ रही है और चार दिनों में 500 किलोमीटर से भी कम दूरी तय कर झारसुगुड़ा के आसपास बनी हुई है। इसी कारण राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में लगातार भारी वर्षा हो रही है।
कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर
बैतरणी और सालंदी सहित कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं, जिससे निचले इलाकों, कृषि भूमि और रिहायशी क्षेत्रों में व्यापक जलभराव हो गया है। कई स्थानों पर सड़क संपर्क बाधित हुआ है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
10 जिलों में बंद से शैक्षणिक संस्थान
लगातार खराब मौसम और आईएमडी की भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने एहतियात के तौर पर आज 10 जिलों भद्रक, जाजपुर, बरगढ़, केंदुझर, बलांगीर, संबलपुर, सुंदरगढ़, देवगढ़, सोनपुर और नुआपड़ा के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त एवं निजी विद्यालयों, महाविद्यालयों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को बंद रखने का आदेश दिया। इसमें केंद्रीय विद्यालय, जवाहर नवोदय विद्यालय और ओडिशा आदर्श विद्यालय भी शामिल हैं।
अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह
जिला प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने और प्रशासन की सलाह का पालन करने की अपील की है।
विशेष राहत आयुक्त ने सभी जिला प्रशासन को चौबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने, त्वरित राहत पहुंचाने और बाढ़ प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि डीप डिप्रेशन की धीमी गति के कारण अगले 24 घंटों तक कई क्षेत्रों में भारी से अति भारी वर्षा जारी रह सकती है, जिससे बाढ़ की स्थिति और गंभीर होने की आशंका बनी हुई है।
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