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95 ग्राम पंचायतें चपेट में
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20 और पंचायतों पर खतरा
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राहत-बचाव के लिए ओड्राफ-एनडीआरएफ तैनात
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सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी को भेजा बालेश्वर
बालेश्वर। लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद बालेश्वर जिले में बाढ़ और जलभराव की स्थिति गंभीर बनी हुई है। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक पानी ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। जिला प्रशासन से प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार जिले की 95 ग्राम पंचायतों में कुल 81,964 लोग प्रभावित हुए हैं। हालात को देखते हुए प्रशासन ने 20 अन्य ग्राम पंचायतों के भी प्रभावित होने की आशंका जताई है।
पिछले तीन दिनों की बारिश ने स्थिति को तेजी से बिगाड़ा है। उपलब्ध वर्षा आंकड़ों के मुताबिक जिले में 26 जुलाई को 405 मिमी, 27 जुलाई को 354 मिमी और 28 जुलाई की सुबह तक 173.1 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि बालेश्वर शहर में अकेले 204 मिमी बारिश दर्ज हुई। भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में सड़कें जलमग्न हो गईं और नालियों का पानी आवासीय इलाकों में घुस गया।
जलका ने बढ़ाई मुश्किल, निचले इलाकों पर विशेष नजर
लगातार बारिश के कारण जलका नदी खतरे के निशान को पार कर चुकी है, जिससे नदी से सटे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन जलस्तर पर लगातार नजर रख रहा है और प्रभावित एवं संवेदनशील क्षेत्रों में पानी निकालने तथा जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी की गई है।
बालेश्वर शहर में भी हालात सामान्य नहीं हैं। कई प्रमुख सड़कों पर पानी जमा होने के साथ निचले इलाकों के घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में पानी घुसने की खबर है। तेज बहाव और जलभराव के कारण कई स्थानों पर आवागमन मुश्किल हो गया।
ओड्राफ की चार सब-टीम, नीलगिरि में एनडीआरएफ तैनात
जिला प्रशासन के अनुसार, राहत एवं बचाव अभियान के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है। स्थानीय फायर सर्विस टीमों को सभी ब्लॉकों में लगाया गया है।
इसके साथ ही ओड्राफ की चार सब-टीमें तैनात की गई हैं। बालेश्वर सदर, रेमुणा, बाहनगां और बस्ता में एक-एक टीम तैनात है। वहीं नीलगिरि सब-डिवीजन में एनडीआरएफ टीम तैनात की गई है।
स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों के लिए पांच मेडिकल टीमें तथा पशुओं के उपचार के लिए दो वेटरनरी टीमें लगाई गई हैं। सिंचाई विभाग की टीम भी स्थिति पर नजर रख रही है।
जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे संचालित
जिला एवं ब्लॉक स्तर पर कंट्रोल रूम चौबीसों घंटे संचालित किए जा रहे हैं। संवेदनशील एवं रणनीतिक स्थानों पर वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है और प्रशासन द्वारा समय-समय पर मीडिया ब्रीफिंग की व्यवस्था भी की गई है।
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