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कटक में मां भट्टरिका मंदिर तक पहुंचा बाढ़ का पानी
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केंद्रापड़ा में एहतियातन स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र बंद
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लगातार मूसलाधार वर्षा से जनजीवन अस्त-व्यस्त
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसम प्रणाली के प्रभाव से ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन पर व्यापक असर डाला है। रायगड़ा में रेलवे ट्रैक जलमग्न होने से रेल सेवाएं प्रभावित हुईं, कटक जिले के बाड़म्बा स्थित प्रसिद्ध मां भट्टरिका मंदिर तक महानदी की बाढ़ का पानी दूसरी बार पहुंच गया, जबकि भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए केंद्रापड़ा जिले में सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों को एहतियातन बंद रखा गया। प्रशासन ने सभी संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
रेलवे ट्रैक पर करीब दो फीट पानी भरा
रायगड़ा जिले में सोमवार सुबह से जारी मूसलाधार बारिश ने रेल सेवाओं को प्रभावित कर दिया। भारी वर्षा के कारण टिकिरी स्टेशन के निकट रेलवे ट्रैक पर करीब दो फीट पानी भर जाने से कोरापुट–विशाखापट्टनम पैसेंजर ट्रेन को लगभग दो घंटे तक रोकना पड़ा। इससे ट्रेन में सवार सैकड़ों यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
पहाड़ियों से तेज बहाव और निकटवर्ती नाले उफान पर
जानकारी के अनुसार, आसपास की पहाड़ियों से तेज बहाव और निकटवर्ती नाले के उफान के कारण रेलवे ट्रैक पूरी तरह जलमग्न हो गया, जिससे ट्रेन संचालन असुरक्षित हो गया। दोपहर तक रायगड़ा पहुंचने वाली यह पैसेंजर ट्रेन सुबह लगभग 10 बजे टिकिरी स्टेशन पर रोक दी गई। इस दौरान यात्री लंबे समय तक डिब्बों में फंसे रहे और ट्रेन के आगे बढ़ने का इंतजार करते रहे।
राउली स्टेशन के पास भी जलभराव की स्थिति
रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, केवल टिकिरी ही नहीं बल्कि राउली स्टेशन के पास भी जलभराव की स्थिति देखी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में रेल परिचालन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई। सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और जलस्तर की लगातार निगरानी शुरू की।
जलस्तर घटने के बाद कोरापुट–विशाखापट्टनम पैसेंजर ट्रेन चली
रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि ट्रैक से पानी पूरी तरह उतरने और इंजीनियरों द्वारा सुरक्षा जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेनों का परिचालन शुरू किया जाएगा। दोपहर तक बारिश कम होने और जलस्तर घटने के बाद ट्रैक का निरीक्षण किया गया, जिसके उपरांत कोरापुट–विशाखापट्टनम पैसेंजर ट्रेन को आगे के लिए रवाना कर दिया गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हीराकुद बांध से जल छोड़ने से बढ़ा जलस्तर
कटक जिले के बाड़म्बा स्थित प्रसिद्ध मां भट्टरिका मंदिर तक इस वर्ष दूसरी बार महानदी की बाढ़ का पानी पहुंच गया है। हीराकुद बांध से पानी छोड़े जाने और पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण महानदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा, जिससे बाढ़ का पानी मंदिर परिसर की सीमा तक पहुंच गया। हालांकि, अब तक पानी गर्भगृह में नहीं घुसा है और नियमित पूजा-अर्चना निर्बाध रूप से जारी है।
स्थिति पर लगातार नजर
मंदिर प्रशासन के अनुसार, बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुजारी समिति और बंदोबस्ती विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मंदिर परिसर की निगरानी के लिए एहतियाती उपाय किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
प्रतिमा को सुरक्षित स्थान पर ले जाने की तैयारी
मंदिर प्रशासन ने बताया कि यदि हीराकुद जलाशय के और फाटक खोले जाते हैं तथा जलस्तर और बढ़ने से बाढ़ का पानी मंदिर के भीतर प्रवेश करता है, तो मां भट्टरिका की प्रतिमा को मंदिर के निकट पहले से चिन्हित सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक वैकल्पिक व्यवस्था पहले ही तैयार कर ली गई है।
प्रशासन और पुजारी समिति हाई अलर्ट पर
बड़ंबा बंदोबस्ती विभाग के अधिकारी, मंदिर के पुजारी और स्थानीय प्रशासन लगातार महानदी के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं। प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि मंदिर की सुरक्षा और धार्मिक अनुष्ठानों के निर्बाध संचालन के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन जलस्तर बढ़ने की आशंका को देखते हुए अधिकारियों ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
केंद्रापड़ा में भारी बारिश, अवकाश घोषित
बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के प्रभाव से हो रही लगातार भारी बारिश को देखते हुए केंद्रापड़ा जिले में सोमवार को सभी सरकारी और निजी स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) द्वारा जिले में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी किए जाने के बाद जिला कलेक्टर ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया।
जिला प्रशासन की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया कि प्रतिकूल मौसम और संभावित जलभराव की स्थिति को देखते हुए एहतियात के तौर पर सभी शैक्षणिक संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों को एक दिन के लिए बंद रखा जाएगा।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
राज्य के कई जिलों में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन गई है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने तथा मौसम विभाग और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
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