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नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग तेज
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कांग्रेस ने सात दिन का अल्टीमेटम दिया
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जेन-जेड आंदोलन को आर्थिक सहयोग का ऐलान
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भाजपा ने किया पलटवार— पहले अपना इतिहास देखें
भुवनेश्वर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद ओडिशा की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। कांग्रेस और बीजू जनता दल (बीजद) ने राज्य के स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से तत्काल इस्तीफे की मांग तेज कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि राज्य की स्कूली पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आने से शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं और इसकी नैतिक जिम्मेदारी मंत्री को लेनी चाहिए।
कांग्रेस ने सरकार को सात दिन का अल्टीमेटम देते हुए चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया तो राज्यव्यापी आंदोलन और ओडिशा बंद का आह्वान किया जाएगा।
नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल दें इस्तीफा- नवीन
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष नवीन पटनायक ने स्कूल एवं जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
नवीन पटनायक ने कहा कि राज्य के बच्चों को पढ़ाई जाने वाली पाठ्यपुस्तकों में अनेक गंभीर गलतियां पाई गई हैं। बच्चों की शिक्षा से जुड़ी इस तरह की लापरवाही किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि शासन में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देकर उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
धर्मेंद्र प्रधान के पुराने कदम का दिया हवाला
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी अतीत में नैतिक जिम्मेदारी का उदाहरण प्रस्तुत किया था। इसी प्रकार नित्यानंद गोंड को भी जवाबदेही स्वीकार करते हुए अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए।
दो-तीन सप्ताह से बीजद चला रहा है अभियान
बीजद पिछले दो से तीन सप्ताह से इस मुद्दे को लगातार उठा रहा है और मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहा है। पार्टी का आरोप है कि पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में त्रुटियां होने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और यह शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता है।
सात दिन में इस्तीफा नहीं तो ओडिशा बंद : भक्त चरण दास
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि यदि सात दिनों के भीतर नित्यानंद गोंड अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं तो कांग्रेस सड़क पर उतरकर व्यापक आंदोलन करेगी और ओडिशा बंद का आह्वान किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार युवाओं की आवाज दबा रही है तथा गरीबों के लिए चलाई जा रही कई योजनाओं को बंद कर रही है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में शुरू हुआ जेन-जेड आंदोलन‘ भाजपा सरकार के लिए उलटी गिनती की शुरुआत है।
जेन-जेड आंदोलन को कांग्रेस देगी आर्थिक सहयोग
भक्त चरण दास ने घोषणा की कि यदि राज्य में युवा ‘जेन-जेड आंदोलन’ चलाते हैं तो कांग्रेस उन्हें पूरा राजनीतिक और आर्थिक सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं ने राजनीति की दिशा बदलने की क्षमता दिखाई है और ओडिशा के युवाओं को भी अन्याय के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा स्वेच्छा से नहीं बल्कि दबाव में हुआ और अब राज्य के शिक्षा मंत्री को भी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए वही कदम उठाना चाहिए।
भाजपा का पलटवार, कांग्रेस को याद दिलाया पुराना रिकॉर्ड
कांग्रेस के आरोपों पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के महासचिव बिरंचि त्रिपाठी ने कहा कि कांग्रेस को नैतिकता का पाठ पढ़ाने से पहले अपने शासनकाल को देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के शासन में ओडिशा और वर्ष 2004 से 2014 तक केंद्र में प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं आम बात थीं।
त्रिपाठी ने यह भी कहा कि हाल के दिनों में कांग्रेस शासित कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं सामने आई हैं। ऐसे में कांग्रेस का नैतिकता का दावा राजनीतिक अवसरवाद से अधिक कुछ नहीं है।
शिक्षा का मुद्दा बना बड़ा राजनीतिक विवाद
पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर शुरू हुआ विवाद अब पूरी तरह राजनीतिक रंग ले चुका है। कांग्रेस और बीजद जहां मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं, वहीं भाजपा विपक्ष पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा रही है।
आने वाले सात दिन अहम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगले सात दिन राज्य की राजनीति के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। यदि सरकार विपक्ष की मांगों पर कोई निर्णय नहीं लेती है तो यह विवाद सड़कों पर बड़े आंदोलन का रूप ले सकता है। वहीं भाजपा इसे विपक्ष का राजनीतिक अभियान बताकर खारिज कर रही है। ऐसे में शिक्षा का मुद्दा अब ओडिशा की राजनीति के केंद्र में आ गया है।
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