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ओडिशा में राजनीति गरमाई
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भाजपा सांसदों ने बयान को बताया तथ्यहीन
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बीजद ने पलटवार कर सार्वजनिक माफी की मांग उठाई
भुवनेश्वर। बीजू जनता दल (बीजद) अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष नवीन पटनायक के हालिया बयान को लेकर ओडिशा की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। भाजपा सांसदों ने संयुक्त प्रेस वार्ता में नवीन पटनायक के बयान को तथ्यहीन और निंदनीय बताते हुए कड़ी आलोचना की, जबकि बीजद ने इसे तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाते हुए भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब से अपना बयान वापस लेने और बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की। इससे दोनों प्रमुख दलों के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और तेज हो गए हैं।
भाजपा के ओडिशा से सांसदों ने नवीन पटनायक के हालिया बयान की कड़ी आलोचना करते हुए इसे “तथ्यहीन, निराधार और निंदनीय” बताया। नई दिल्ली में आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में वरिष्ठ भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब ने कहा कि भाजपा नवीन पटनायक की टिप्पणियों की सामूहिक रूप से निंदा करती है। भाजपा प्रदेश कार्यालय द्वारा जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में यह जानकारी दी गई है।
बीजद सरकार के कार्यकाल में भी प्रश्नपत्र लीक
महताब ने कहा कि पटनायक को यह नहीं समझना चाहिए कि ओडिशा की जनता पिछले वर्षों की घटनाओं को भूल चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से 2023 के बीच बीजद सरकार के कार्यकाल में पुलिस कांस्टेबल, ओपीएससी, ओजेएसई, मैट्रिक समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों को लेकर ओडिशा हाईकोर्ट ने तत्कालीन राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर भी कड़ी टिप्पणी की थी।
आंदोलनों के बावजूद किसी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया
भाजपा सांसद ने कहा कि उस समय व्यापक विरोध-प्रदर्शन और आंदोलनों के बावजूद तत्कालीन सरकार के किसी मंत्री ने इस्तीफा नहीं दिया। ऐसे में वर्तमान में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करना उचित नहीं है।
सीजेपी के आंदोलन को समर्थन करना दोहरी राजनीति
महताब ने आरोप लगाया कि बीजद द्वारा कांग्रेस और सीजेपी के आंदोलन का समर्थन करना उसकी “दोहरी राजनीति” को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध और अभिव्यक्ति का अधिकार सभी को है, लेकिन हिंसक गतिविधियों या सुरक्षा व्यवस्था को तोड़ने के प्रयासों का समर्थन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक को ऐसे घटनाक्रमों का समर्थन करने के बजाय पहले उनकी निंदा करनी चाहिए थी।
नीट मामले में केंद्र ने तत्काल कदम उठाया
नीट परीक्षा से जुड़े विवाद पर उन्होंने कहा कि कथित प्रश्नपत्र लीक की जानकारी सामने आते ही केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय ने तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए। उन्होंने दावा किया कि सभी राज्यों और संबंधित एजेंसियों के सहयोग से निर्धारित समयसीमा के भीतर पुनः परीक्षा सफलतापूर्वक कराई गई तथा समय पर परिणाम भी घोषित किए गए।
प्रधानमंत्री छात्रों के भविष्य को लेकर संवेदनशील
महताब ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं छात्रों के भविष्य को लेकर संवेदनशील हैं और भाजपा राष्ट्रीय स्तर की परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संसद के भीतर और बाहर रचनात्मक चर्चा चाहती है। उन्होंने बीजद और अन्य विपक्षी दलों से संसद की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील की।
छात्रों के भविष्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर संकीर्ण राजनीति नहीं
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि देशभर में वामपंथी दल अपना जनाधार खो चुके हैं और ओडिशा में भी बीजद तेजी से जनता का विश्वास खो रही है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य जैसे संवेदनशील मुद्दे पर संकीर्ण राजनीति नहीं की जानी चाहिए।
इस संयुक्त प्रेस वार्ता में भाजपा सांसद संगीता सिंहदेव, अनीता प्रियदर्शिनी, मालविका देवी, रुद्र नारायण पाणि, प्रदीप पुरोहित, अनंत नायक, अभिमन्यु सेठी, रवि नारायण बेहरा, बलभद्र माझी, सुकांत पाणिग्राही और विभू प्रसाद तराई सहित अन्य सांसद उपस्थित रहे।
भर्तृहरि महताब के बयान पर बीजद का पलटवार
इधर, बीजद ने भाजपा सांसद भर्तृहरि महताब द्वारा पार्टी अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक पर की गई टिप्पणी को लेकर तीखा पलटवार किया है। शंख भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बीजद के वरिष्ठ उपाध्यक्ष देबी प्रसाद मिश्रा और उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ मीडिया समन्वयक प्रताप जेना ने महताब के बयान को “राजनीतिक प्रेरित और भ्रामक” बताते हुए उसे तत्काल वापस लेने तथा बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की मांग की।
‘नवीन पटनायक ने केवल लोकतांत्रिक समाधान की अपील की’
देवी प्रसाद मिश्र ने कहा कि नवीन पटनायक ने दिल्ली में चल रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में केवल यह अपील की थी कि सरकार छात्रों की समस्याओं का समाधान लोकतांत्रिक संवाद के माध्यम से करे, न कि पुलिस बल का प्रयोग करके। उन्होंने कहा कि इस अपील को गलत तरीके से प्रस्तुत करना निंदनीय है।
उन्होंने कहा कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार हो रही अनियमितताओं और प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं से लाखों छात्र प्रभावित हैं। ऐसे गंभीर मुद्दे पर चर्चा करने के बजाय नवीन पटनायक पर निशाना साधना दुर्भाग्यपूर्ण है।
’14 वर्षों में 99 पेपर लीक, 6.5 करोड़ छात्र प्रभावित’
मिश्र ने दावा किया कि पिछले 14 वर्षों में देशभर में 99 प्रश्नपत्र लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे 6.5 करोड़ से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की जायज मांगों पर चुप्पी साधे हुए है, जिससे युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों को ‘राष्ट्रविरोधी’, ‘पाकिस्तान या चीन का एजेंट’ बताना पूरी तरह अस्वीकार्य है। यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने में विफल रही है, तो संबंधित मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देना चाहिए।
‘पहले नवीन की तारीफ, अब राजनीतिक हमला’
प्रताप जेना ने कहा कि भर्तृहरि महताब सात बार सांसद रहे हैं, जिनमें छह बार वे बीजद के टिकट पर चुने गए और उस दौरान उन्होंने कई अवसरों पर नवीन पटनायक के नेतृत्व की सराहना की। लेकिन भाजपा में शामिल होने के बाद अब वे राजनीतिक कारणों से उन्हीं पर हमला कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नवीन पटनायक हमेशा लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्षधर रहे हैं और छात्रों तथा युवाओं के हितों की आवाज उठाते रहे हैं। उनका बयान राजनीतिक नहीं, बल्कि सरकार से छात्रों की समस्याओं को संवाद के माध्यम से सुलझाने की एक ईमानदार अपील थी।
‘बयान वापस लें और माफी मांगें’
बीजद नेताओं ने कहा कि भर्तृहरि महताब की टिप्पणी एक जनप्रतिनिधि की गरिमा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की कि महताब तत्काल अपना बयान वापस लें और नवीन पटनायक के खिलाफ दिए गए “भ्रामक एवं गैर-जिम्मेदाराना” बयान के लिए सार्वजनिक रूप से बिना शर्त माफी मांगें।
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