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अनुसूचित जाति-जनजाति अत्याचार मामलों के त्वरित निपटारे के लिए बड़ा फैसला
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भद्रक, गंजाम, जाजपुर, केंद्रापड़ा, पुरी और खुर्दा उपखंड में शुरू होंगी विशेष अदालतें
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लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण पर सरकार का जोर
भुवनेश्वर। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों के त्वरित निपटारे और प्रभावी अभियोजन को सुनिश्चित करने के लिए ओडिशा सरकार ने राज्य के छह क्षेत्रों में विशेष अनन्य (एक्सक्लूसिव) अदालतों की स्थापना की अधिसूचना जारी की है। गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में यह निर्णय उच्च न्यायालय की सिफारिशों और वैधानिक परामर्श के बाद लिया गया है।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस कदम के माध्यम से पीड़ित-केंद्रित न्याय, सामाजिक समानता और अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदायों के अधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
नई अदालतें अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायालय के रूप में कार्य करेंगी। इनका अधिकार क्षेत्र भद्रक, गंजाम (ब्रह्मपुर), जाजपुर, केंद्रापड़ा, पुरी राजस्व जिलों तथा खुर्दा राजस्व उपखंड तक होगा। सरकार का उद्देश्य इन क्षेत्रों में लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण कर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाना है।
लगातार प्रशासनिक प्रयासों के बाद पहल हुई साकार
राज्य पुलिस मुख्यालय के राज्य मानवाधिकार संरक्षण प्रकोष्ठ (एसएचआरपीसी) द्वारा लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा और लगातार प्रशासनिक प्रयासों के बाद यह पहल साकार हुई है। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक यतिंद्र कोयल के नेतृत्व में एसएचआरपीसी ने अधिक लंबित मामलों वाले क्षेत्रों की पहचान कर विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया, जिसे बाद में उच्च न्यायालय की सहमति प्राप्त हुई।
पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति करने का अनुरोध
अधिसूचना जारी होने के बाद गृह विभाग ने ओडिशा उच्च न्यायालय से इन विशेष अदालतों के लिए अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीशों की अध्यक्षता में पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति करने का अनुरोध किया है।
विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति पर विचार
इसके साथ ही राज्य सरकार अन्य अधिक लंबित मामलों वाले जिलों में भी अतिरिक्त विशेष अदालतों तथा विशेष लोक अभियोजकों की नियुक्ति के प्रस्तावों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है, ताकि अनुसूचित जाति एवं जनजाति अत्याचार मामलों में न्यायिक प्रक्रिया को और अधिक सशक्त एवं तेज बनाया जा सके।
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