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विश्व ओड़िया परिवार ने आयोजित किया ‘संस्कृतिदूत सम्मान समारोह’, प्रवासी संस्कृति प्रचारकों को किया सम्मानित

भुवनेश्वर। विश्व ओड़िया परिवार, बियॉन्ड हेरिटेज और ओड़िशा साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में राज्य संग्रहालय, भुवनेश्वर में ‘संस्कृतिदूत सम्मान समारोह’ का आयोजन किया गया। समारोह में देश-विदेश में ओड़िया भाषा, संस्कृति और भगवान श्रीजगन्नाथ की परंपरा के प्रचार-प्रसार में उल्लेखनीय योगदान देने वाले प्रवासी संस्कृति साधक श्री शक्तिप्रसाद बड़ाजेना को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्व ओड़िया परिवार के अध्यक्ष सज्जन शर्मा ने कहा कि महापुरुषों की जयंती और पुण्यतिथि केवल औपचारिक आयोजन बनकर नहीं रहनी चाहिए, बल्कि उनके आदर्शों और मानव सेवा के संदेश को जीवन में आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने कहा कि उत्कलमणि गोपबंधु दास ने पूरी दुनिया में मानवता और भाईचारे का संदेश दिया तथा विश्व ओड़िया परिवार उन्हीं आदर्शों से प्रेरित होकर प्रवासी ओड़िया समाज और जगन्नाथ संस्कृति के प्रचारकों को सम्मानित कर रहा है।

राज्य संग्रहालय की निदेशक डॉ भारती पाल ने कहा कि जो लोग देश और विदेश में ओड़िया भाषा तथा भगवान श्रीजगन्नाथ की संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं, वे वास्तव में सम्मान के पात्र हैं। उन्होंने ऐसे व्यक्तित्वों को प्रोत्साहित करने के लिए विश्व ओड़िया परिवार की पहल की सराहना की।

विशिष्ट अतिथि युवा उद्यमी निहार रंजन पंडा ने कहा कि ओड़िया संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए किए जाने वाले हर सकारात्मक प्रयास में वे सहभागी रहेंगे।

मुख्य वक्ता एवं ओड़िया विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो डॉ सत्यनारायण आचार्य ने कहा कि ओड़िशा की समृद्ध संस्कृति, परंपरा और जगन्नाथ दर्शन को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयास किए जाने चाहिए। उन्होंने ओड़िया भाषा की शुद्धता और संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य से बाहर लंबे समय तक रहने के दौरान उन्होंने महसूस किया कि ओड़िशा की सांस्कृतिक विरासत के बारे में व्यापक स्तर पर अभी भी जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। इसके लिए उन्होंने विश्व ओड़िया परिवार के प्रयासों की सराहना की।

मुख्य अतिथि ओड़िशा साहित्य अकादमी के अध्यक्ष डॉ चंद्रशेखर होता ने नेत्रोत्सव के आध्यात्मिक महत्व और भगवान श्रीजगन्नाथ की महान परंपरा पर प्रकाश डाला। उन्होंने उत्कलमणि गोपबंधु दास के ओड़िशा के प्रति अमूल्य योगदान को याद करते हुए कहा कि विश्व ओड़िया परिवार राज्य की भाषा, संस्कृति, परंपरा और खान-पान को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने का सराहनीय कार्य कर रहा है।

इस अवसर पर प्रवासी संस्कृति साधक शक्तिप्रसाद बड़ाजेना को अंगवस्त्र एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान कर ‘संस्कृतिदूत सम्मान’ से सम्मानित किया गया। सम्मान ग्रहण करने के बाद उन्होंने बताया कि वे विदेशों में ओड़िशा की संस्कृति, श्रीजगन्नाथ परंपरा, गौरवशाली इतिहास और महापुरुषों के विचारों का लगातार प्रचार-प्रसार कर रहे हैं तथा भविष्य में भी इस कार्य को जारी रखेंगे।

कार्यक्रम में वरिष्ठ साहित्यकार मनोरंजन षडंगी ने अतिथियों का परिचय कराया, जबकि शिक्षाविद् डॉ प्रीतिप्रतिभा भोल ने कार्यक्रम का संचालन किया। बियॉन्ड हेरिटेज के निदेशक श्वेतक अभिषेक महापात्र ने धन्यवाद ज्ञापन किया।

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