-
डिजिटल उपकरण और संदिग्ध सामग्री जब्त
-
विस्फोटकों के स्रोत और फंडिंग की जांच तेज
भुवनेश्वर। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सुंदरपदा बम विस्फोट मामले की जांच के तहत मंगलवार को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर और आसपास के क्षेत्रों में तीन स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। कार्रवाई का उद्देश्य बम बनाने में इस्तेमाल किए गए विस्फोटक पदार्थों और अन्य सामग्रियों के स्रोत का पता लगाना तथा उनके संभावित उपयोग की जांच करना था।
एनआईए के अनुसार, जांच एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि बम बनाने में प्रयुक्त सामग्री की खरीद के लिए धन कहां से आया और इसके पीछे किसका वित्तीय सहयोग था।
एजेंसी ने बताया कि छापेमारी के दौरान कई डिजिटल उपकरण और अन्य संदिग्ध सामग्री जब्त की गई है। इन सभी को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है, ताकि मामले से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए जा सकें।
पहले गिरफ्तार आरोपी से मिले सुराग के आधार पर कार्रवाई
एनआईए ने बताया कि जिन स्थानों पर छापेमारी की गई, उनकी पहचान पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी से मिले साक्ष्यों, डिजिटल विश्लेषण और अब तक की जांच में सामने आए अन्य तथ्यों के आधार पर की गई थी। यह मामला आरसी-01/2026/एनआईए/भुवनेश्वर के रूप में दर्ज है।
27 जनवरी को बम बनाते समय हुआ था विस्फोट
यह मामला 27 जनवरी 2026 को भुवनेश्वर के सुंदरपदा स्थित आजाद नगर कॉलोनी में हुई बम विस्फोट की घटना से जुड़ा है। चार मंजिला इमारत की छत पर चार लोग कथित रूप से बम तैयार कर रहे थे, तभी अचानक विस्फोट हो गया। इस हादसे में बम बना रहे सभी चार लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
एयरफील्ड थाना से एनआईए ने अपने हाथ में ली जांच
घटना के बाद मामला पहले भुवनेश्वर के एयरफील्ड थाने में दर्ज किया गया था। बाद में इस वर्ष अप्रैल में जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को सौंप दी गई।
एनआईए ने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान और उनकी भूमिका का पता लगाने के लिए जांच लगातार जारी है।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
