Home / Odisha / पुरी रथयात्रा को लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की अभूतपूर्व तैयारी

पुरी रथयात्रा को लेकर सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की अभूतपूर्व तैयारी

  •     लाखों श्रद्धालुओं के लिए सरकार का व्यापक प्रबंध

  •     उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा हुई, 12 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती

  •     बड़दांड पर अस्थायी अस्पताल, आईसीयू, 46 एम्बुलेंस और सैकड़ों चिकित्साकर्मी रहेंगे चौबीसों घंटे मुस्तैद

  •     त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 230 डॉक्टर, 66 विशेषज्ञ, 200 नर्सिंग अधिकारी और 229 पैरामेडिकल कर्मी की होगी नियुक्ति

पुरी। भगवान श्रीजगन्नाथ की विश्वप्रसिद्ध रथयात्रा 2026 के सफल, सुरक्षित और व्यवस्थित आयोजन को लेकर ओडिशा सरकार ने सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं। 16 जुलाई से शुरू होने वाली नौ दिवसीय रथयात्रा में देश-विदेश से लगभग 30 लाख श्रद्धालुओं के पुरी पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा, स्वास्थ्य, यातायात, आपदा प्रबंधन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं के लिए अभूतपूर्व इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री के मुख्य सलाहकार (सेवानिवृत्त आईपीएस) प्रकाश मिश्र की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का आकलन किया गया, वहीं स्वास्थ्य विभाग ने बड़दांड सहित पूरे पुरी में विशेष चिकित्सा सुविधाओं का व्यापक नेटवर्क तैयार किया है।

बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव अरविंद पाढ़ी, पुलिस महानिदेशक (आधुनिकीकरण) सौमेंद्र प्रियदर्शी, केंद्रीय रेंज के पुलिस महानिरीक्षक डॉ सत्यजीत नायक सहित पुलिस और नागरिक प्रशासन के अनेक वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सुरक्षा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था, आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र तथा रथयात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विस्तार से चर्चा की गई।

समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने कहा कि रथयात्रा जैसे विशाल आयोजन की सफलता विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर निर्भर करती है। इसलिए पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य, अग्निशमन, आपदा प्रबंधन, परिवहन तथा अन्य संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं।

अधिकारियों ने सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से लागू करने पर जोर दिया, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

बड़दांड पर आठ अस्थायी अस्पताल स्थापित

रथयात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं को तुरंत चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए बड़दांड के दोनों ओर 10-10 बिस्तरों वाले आठ अस्थायी अस्पताल स्थापित किए गए हैं।

इन अस्पतालों में प्राथमिक उपचार, आपातकालीन चिकित्सा, ऑक्सीजन सुविधा, आवश्यक दवाइयां तथा प्रशिक्षित चिकित्सा कर्मियों की व्यवस्था की गई है, ताकि भीड़ के बीच किसी भी मरीज को तत्काल इलाज मिल सके और गंभीर मरीजों को बिना देरी बड़े अस्पताल तक पहुंचाया जा सके।

जिला मुख्यालय अस्पताल में विशेष चिकित्सा इकाइयां

पुरी जिला मुख्यालय अस्पताल (डीएचएच) में गंभीर मरीजों के उपचार के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं। अस्पताल में 10 बिस्तरों का अत्याधुनिक गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू)10 बिस्तरों का ट्रॉमा केयर सेंटर10 बिस्तरों का बर्न वार्डएक पूर्ण सुसज्जित ऑपरेशन थिएटर को पूरी तरह कार्यशील बनाया गया है।

इसके अतिरिक्त अस्पताल की नई इमारत में 150 अतिरिक्त बिस्तरों की व्यवस्था की गई है, ताकि रथयात्रा के दौरान मरीजों की बढ़ती संख्या को आसानी से संभाला जा सके।

सैकड़ों चिकित्साकर्मी रहेंगे चौबीसों घंटे तैनात

रथयात्रा के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में चिकित्सा कर्मियों की तैनाती की गई है। इनमें 230 डॉक्टर, 66 विशेषज्ञ चिकित्सक, 2 हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट), 2 तंत्रिका रोग विशेषज्ञ (न्यूरोलॉजिस्ट), 2 प्लास्टिक सर्जन, 200 नर्सिंग अधिकारी, 229 पैरामेडिकल कर्मचारी शामिल हैं। ये सभी चिकित्सा दल चौबीसों घंटे ड्यूटी पर रहेंगे और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सेवा प्रदान करेंगे।

हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए विशेष इंतजाम

रथयात्रा के दौरान गर्मी और उमस के कारण हीट स्ट्रोक की संभावना को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष प्रबंधन किया है। इसके तहत जिला मुख्यालय अस्पताल में 10 बिस्तर. सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) में 2 बिस्तर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में 1 बिस्तर विशेष रूप से हीट स्ट्रोक मरीजों के उपचार के लिए आरक्षित किए गए हैं। इन केंद्रों पर शीतलन उपकरण, आवश्यक दवाइयां और प्रशिक्षित चिकित्साकर्मी उपलब्ध रहेंगे।

30 प्राथमिक उपचार केंद्र, 11 चौबीसों घंटे खुले रहेंगे

श्रद्धालुओं को तत्काल प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए बड़दांड और पुरी शहर के आसपास 30 प्राथमिक उपचार केंद्र (फर्स्ट एड सेंटर) स्थापित किए गए हैं। इनमें से बड़दांड पर स्थित 11 केंद्र 24 घंटे लगातार संचालित रहेंगे। यहां बेहोशी, चोट, निर्जलीकरण, थकान, रक्तचाप, मधुमेह तथा अन्य सामान्य स्वास्थ्य समस्याओं का तत्काल उपचार किया जाएगा।

46 एम्बुलेंस रहेंगी हर समय तैयार

आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को शीघ्र अस्पताल पहुंचाने के लिए पूरे पुरी शहर में 46 एम्बुलेंस विभिन्न स्थानों पर तैनात की गई हैं।

इनमें दो एडवांस्ड लाइफ सपोर्ट (एएलएस) एम्बुलेंस जिला मुख्यालय अस्पताल में उपलब्ध रहेंगी। अन्य एम्बुलेंसों को रथयात्रा मार्ग, मंदिर क्षेत्र और प्रमुख भीड़भाड़ वाले स्थानों पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। इस व्यवस्था से गंभीर मरीजों को जीवनरक्षक चिकित्सा सुविधा के साथ तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सकेगा।

खाद्य सुरक्षा पर भी विशेष निगरानी

रथयात्रा के दौरान लाखों श्रद्धालु विभिन्न स्थानों पर भोजन ग्रहण करते हैं। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत की है। अतिरिक्त खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की तैनाती की गई है, जो भोजन और पेय पदार्थों की गुणवत्ता की नियमित जांच करेंगे तथा असुरक्षित खाद्य सामग्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करेंगे।

ऑक्सीजन सिलिंडर के साथ प्रशिक्षित कर्मी रहेंगे तैनात

भीड़ के बीच किसी श्रद्धालु की तबीयत अचानक बिगड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के लिए 30 प्रशिक्षित कर्मियों को ऑक्सीजन कैनिस्टर (ऑक्सीजन सिलेंडर) के साथ प्रमुख स्थानों पर तैनात किया गया है।

ये कर्मी सांस लेने में तकलीफ, बेहोशी या अन्य आपात स्थितियों में मौके पर ही प्राथमिक उपचार देंगे और आवश्यकता पड़ने पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने में सहायता करेंगे।

रथयात्रा से पहले रात में सघन सुरक्षा अभियान

रथयात्रा में केवल दो दिन शेष रहने के कारण पुरी पुलिस ने जिलेभर में रात्रिकालीन सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार सभी थाना प्रभारियों को रात के समय विशेष नाकाबंदी करने और प्रमुख मार्गों पर सुरक्षा जांच बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

पुरी पुलिस ने जिले के प्रमुख चौराहों, प्रवेश मार्गों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर विशेष नाकाबंदी कर वाहनों की गहन जांच शुरू कर दी है। रात के समय लगातार वाहन जांच, संदिग्ध व्यक्तियों की निगरानी और संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी गई है।

12 हजार पुलिसकर्मी और 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी रहेंगे तैनात

रथयात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए व्यापक पुलिस बल की तैनाती की गई है। इस वर्ष रथयात्रा में लगभग 12,000 पुलिसकर्मी, 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी, 100 से अधिक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी विभिन्न स्थानों पर तैनात रहेंगे। यह सुरक्षा व्यवस्था 16 जुलाई से शुरू होने वाली भगवान श्रीजगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा की नौ दिवसीय यात्रा के दौरान लागू रहेगी।

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