-
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने 25% बोनस और संग्रहण दर बढ़ाने की घोषणा की
-
74.78 करोड़ के कल्याण पैकेज को मंजूरी
-
लाखों तेंदुपत्ता संग्राहकों, बंधालियों और मौसमी कर्मचारियों को मिलेगा सीधा लाभ
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने रथयात्रा से पहले राज्य के लाखों तेंदुपत्ता संग्राह करने वाले, बंडल बांधने वाले और मौसमी कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने तेंदुपत्ता से जुड़े श्रमिकों के लिए 74.78 करोड़ रुपये के व्यापक कल्याण पैकेज को मंजूरी दी है।
इस निर्णय के तहत तेंदुपत्ता संग्रहण की दर में वृद्धि करने के साथ-साथ संग्राहकों को 25 प्रतिशत बोनस तथा बंधालियों एवं मौसमी कर्मचारियों को 5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा की गई है।
सरकार का यह निर्णय विशेष रूप से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के उन लाखों परिवारों के लिए राहत लेकर आया है, जिनकी आजीविका का प्रमुख स्रोत तेंदुपत्ता संग्रहण है।
तेंदुपत्ता संग्रहण दर में बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री की मंजूरी के अनुसार अब तेंदुपत्ता खरीद की दर में भी वृद्धि की गई है। प्रति केरी (20 पत्तों का बंडल) पर 10 पैसे की बढ़ोतरी की गई है। प्रति फल (40 पत्तों का बंडल) पर 20 पैसे की वृद्धि की गई है।
इस दर वृद्धि से राज्य सरकार पर लगभग 10.78 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आएगा, लेकिन इससे सीधे तौर पर तेंदुपत्ता संग्राहकों की आय में वृद्धि होगी।
बोनस के रूप में कठिन परिश्रम को सम्मान
सरकार ने केवल खरीद दर बढ़ाने तक ही अपने कदम सीमित नहीं रखे हैं, बल्कि तेंदुपत्ता संग्रहण करने वाले श्रमिकों (तोलाली) के कठिन परिश्रम को सम्मान देते हुए उन्हें 25 प्रतिशत बोनस देने का भी निर्णय लिया है।
इसके अलावा बाइंडरों को उनकी आय पर 5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि मिलेगी। मौसमी कर्मचारियों को भी 5 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन प्रदान किया जाएगा। इस बोनस और प्रोत्साहन राशि पर सरकार लगभग 64 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
कुल 74.78 करोड़ रुपये का कल्याण पैकेज
दर वृद्धि और बोनस सहित पूरे पैकेज पर सरकार का कुल व्यय 74.78 करोड़ रुपये होगा। राज्य सरकार का कहना है कि यह निर्णय वन आधारित आजीविका पर निर्भर समुदायों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
तेंदुपत्ता ओडिशा के प्रमुख लघु वनोपजों में से एक है और इससे हर वर्ष लाखों ग्रामीण एवं आदिवासी परिवारों को मौसमी रोजगार मिलता है। संग्रहण अवधि के दौरान यह उनकी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बनता है।
ग्रामीण और आदिवासी परिवारों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार का मानना है कि इस फैसले से तेंदुपत्ता संग्रहण मौसम के दौरान श्रमिकों के हाथों में अधिक धन पहुंचेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। विशेष रूप से मयूरभंज, केंदुझर, सुंदरगढ़, कलाहांडी, नवरंगपुर, मालकानगिरि, रायगड़ा, कोरापुट, कंधमाल, नुआपड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, अनुगोल, ढेंकानाल और अन्य वन क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को इसका व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
तत्काल लागू होंगे मुख्यमंत्री के निर्देश
सरकारी अधिकारियों के अनुसार मुख्यमंत्री के निर्णय के बाद संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। सरकार का प्रयास है कि बोनस, प्रोत्साहन राशि और बढ़ी हुई खरीद दर का लाभ तेंदुपत्ता संग्राहकों, बंधालियों तथा मौसमी कर्मचारियों तक जल्द से जल्द पहुंचाया जाए।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
