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बंगाल की उत्तर खाड़ी में निम्न दबाव का क्षेत्र सक्रिय, भारी बारिश


  •     ओडिशा में भारी बारिश का अलर्ट

  •     कंधमाल में ऑरेंज चेतावनी, भद्रक में बाढ़ जैसे हालात से स्कूल बंद

  •     चक्रवाती परिसंचरण से मौसम बदलने से कई जिलों में गरज-चमक, भारी वर्षा

भुवनेश्वर। बंगाल की उत्तर खाड़ी में बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से ओडिशा में निम्न दबाव का क्षेत्र (लो-प्रेशर एरिया) बनने की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसके प्रभाव से राज्य में 15 जुलाई तक व्यापक वर्षा होने की संभावना है।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर ने राज्य के अनेक जिलों के लिए येलो और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि कई स्थानों पर गरज-चमक, बिजली गिरने तथा मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है, जिससे जलभराव, यातायात बाधित होने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।

इन जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी

आईएमडी ने अगले 24 घंटे के लिए राज्य के कई जिलों में गरज-चमक के साथ वर्षा को लेकर येलो चेतावनी जारी की है। जिन जिलों को अलर्ट पर रखा गया है, उनमें कटक, खुर्दा, केंद्रापड़ा, भद्रक, जगतसिंहपुर, केंदुझर, मयूरभंज, गजपति, गंजाम, नयागढ़, बालेश्वर और सुंदरगढ़ शामिल हैं।

मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों में जाने से बचने, बिजली गिरने की आशंका वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने तथा आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी है।

कंधमाल में अत्यधिक वर्षा की संभावना

बुधवार के लिए पूरे राज्य में येलो अलर्ट जारी रखा गया है, जबकि कंधमाल जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। आईएमडी के अनुसार यहां एक-दो स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा हो सकती है। ऐसे क्षेत्रों में जलभराव, दृश्यता कम होने तथा सड़क यातायात प्रभावित होने की आशंका जताई गई है।

17 जुलाई तक जारी रह सकता है बारिश का दौर

सेंटर फॉर एनवायरनमेंट एंड क्लाइमेट (सीईसी) ने अपने मौसम बुलेटिन में कहा है कि उत्तर बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती परिसंचरण उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में ओडिशा-गंगा पश्चिम बंगाल तट के समीप निम्न दबाव के क्षेत्र का रूप ले सकता है।

सीईसी के अनुसार 14 से 17 जुलाई के बीच उत्तरी और पश्चिमी ओडिशा के कई जिलों में मध्यम से भारी वर्षा होने की संभावना है। विशेष रूप से सुवर्णरेखा, बूढ़ाबलंग, ब्राह्मणी और बैतरणी नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में अधिक वर्षा हो सकती है।

इन प्रभावित जिलों में मयूरभंज, केंदुझर, बालासोर, भद्रक, जाजपुर, ढेंकानाल, सुंदरगढ़, देवगढ़, अनुगोल, संबलपुर, बरगढ़, कटक, केंद्रापड़ा और खुर्दा शामिल हैं।

भद्रक में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, सभी स्कूल बंद

निम्न दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से सबसे अधिक असर भद्रक जिले में देखने को मिला है। सोमवार देर रात से शुरू हुई लगातार बारिश ने मंगलवार सुबह तक विकराल रूप ले लिया, जिससे शहर और आसपास के निचले इलाकों में व्यापक जलभराव हो गया।

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भद्रक के जिलाधिकारी दिलीप राउतरे ने जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों में मंगलवार को अवकाश घोषित कर दिया।

जगन्नाथ मंदिर परिसर में भी घुसा बारिश का पानी

लगातार बारिश के कारण भद्रक शहर के बाइपास के निकट स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर भी जलभराव से प्रभावित हुआ। मंदिर परिसर में बारिश का पानी प्रवेश कर गया, जिससे मंदिर परिसर में स्थित शिवलिंग का एक हिस्सा भी पानी में डूब गया। यह दृश्य बारिश की तीव्रता और जलभराव की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।

इसके अलावा शहर के कई आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों में सड़कें पानी में डूब गईं, जिससे लोगों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई स्थानों पर दुकानों और घरों में भी पानी घुसने की सूचना मिली।

प्रशासन ने लोगों से बरतने को कहा विशेष सावधानी

प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी सलाह का पालन करने को कहा है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर जलभराव, स्थानीय बाढ़, पेड़ गिरने, सड़क यातायात बाधित होने तथा बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

राज्य सरकार और जिला प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं तथा आवश्यकता पड़ने पर राहत एवं बचाव दलों को तैनात करने की तैयारी की गई है। मौसम विभाग ने नागरिकों से आगामी कुछ दिनों तक मौसम संबंधी ताजा बुलेटिन पर विशेष ध्यान देने की अपील की है।

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