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रथयात्रा एक ही दिन मनाने की वकालत की
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गजपति महाराजा और श्रीजगन्नाथ भक्तों की भावनाओं का सम्मान करने की अपील
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भुवनेश्वर इस्कॉन ने जीबीसी से किया पुनर्विचार का आग्रह
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विदेशों में अलग तिथियों पर आयोजन को लेकर बढ़ा विवाद
भुवनेश्वर। महाप्रभु श्री जगन्नाथ की रथयात्रा की तिथि को लेकर चल रहे विवाद के बीच भुवनेश्वर स्थित इस्कॉन ने संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था गवर्निंग बॉडी कमीशन (जीबीसी) से रथयात्रा के आयोजन की वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करने की अपील की है।
भुवनेश्वर इस्कॉन का कहना है कि भगवान श्रीजगन्नाथ की रथयात्रा का आयोजन पुरी की सदियों पुरानी परंपरा के अनुरूप एक ही दिन होना चाहिए, ताकि करोड़ों श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान बना रहे।
भुवनेश्वर इस्कॉन के अध्यक्ष शाश्वत दास ने कहा कि रथयात्रा का आयोजन पुरी श्रीमंदिर में प्रचलित पारंपरिक पंचांग के अनुसार एक ही दिन किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इससे भगवान श्रीजगन्नाथ की परंपरा की मर्यादा बनी रहेगी और विश्वभर के श्रद्धालुओं के बीच एकरूपता भी स्थापित होगी।
गजपति महाराजा के मत का सम्मान जरूरी
शाश्वत दास ने पुरी के गजपति महाराजा को भगवान श्रीजगन्नाथ का “जीवंत प्रतिनिधि” बताते हुए कहा कि उनके विचारों और श्रीजगन्नाथ भक्तों की भावनाओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका मानना है कि यदि इस्कॉन विश्वभर में पुरी की परंपरागत तिथि के अनुसार रथयात्रा आयोजित करे तो संगठन के प्रति श्रद्धालुओं का विश्वास और सद्भाव और अधिक मजबूत होगा।
जीबीसी से निर्णय पर पुनर्विचार की अपील
उन्होंने कहा कि ओडिशा में इस्कॉन की ओर से एक समिति गठित की गई है, जो श्रद्धालुओं की भावनाओं और सुझावों को जीबीसी तक पहुंचाएगी तथा वर्तमान व्यवस्था पर पुनर्विचार करने का आग्रह करेगी। शाश्वत दास ने दोहराया कि रथयात्रा का आयोजन परंपरा के अनुरूप एक ही दिन होना चाहिए और यही सभी श्रद्धालुओं की अपेक्षा भी है।
विदेशों में इस्कॉन पर भारत का सीमित अधिकार
भुवनेश्वर इस्कॉन अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि विदेशों में इस्कॉन केंद्रों द्वारा आयोजित रथयात्राओं पर इस्कॉन इंडिया का अधिकार सीमित है। उन्होंने कहा कि यदि विश्वभर में एक समान तिथि पर रथयात्रा सुनिश्चित करनी है तो इसके लिए इस्कॉन के अंतरराष्ट्रीय नेतृत्व, जीबीसी तथा केंद्र सरकार के स्तर पर समन्वय और पहल की आवश्यकता होगी।
लगातार गहराता जा रहा है विवाद
विदेशों में पुरी की परंपरागत तिथि से पहले रथयात्रा आयोजित किए जाने को लेकर श्रीजगन्नाथ भक्तों, धार्मिक संगठनों और विभिन्न संत-महात्माओं के बीच असंतोष लगातार बढ़ रहा है। उनका कहना है कि विश्वभर में रथयात्रा का आयोजन पुरी श्रीमंदिर की धार्मिक परंपरा और पंचांग के अनुरूप होना चाहिए।
हाल ही में यह विवाद तब और गहरा गया, जब ऐसी खबरें सामने आईं कि इस मुद्दे पर चर्चा के लिए पुरी के गजपति महाराजा द्वारा दिए गए आमंत्रण को इस्कॉन ने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद अनेक धार्मिक नेताओं ने भी एक समान तिथि पर रथयात्रा आयोजित करने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि इससे भगवान श्रीजगन्नाथ की वार्षिक रथयात्रा की पवित्रता, परंपरा और वैश्विक एकता को और अधिक मजबूती मिलेगी।
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