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रायगड़ा एल्यूमिना रिफाइनरी विस्तार में लगाएगा 12,000 करोड़ रुपये
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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी से कुमार मंगलम बिड़ला की मुलाकात
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कंसारीगुड़ा रिफाइनरी की क्षमता तीन गुना बढ़ेगी
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कुल निवेश 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंचेगा
भुवनेश्वर। ओडिशा को देश का अग्रणी धातु एवं विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। आदित्य बिड़ला समूह ने रायगड़ा जिले के काशीपुर तहसील स्थित कंसारीगुड़ा एल्यूमिना रिफाइनरी के विस्तार के लिए 12,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश का प्रस्ताव दिया है। इस विस्तार के साथ परियोजना में कुल निवेश बढ़कर लगभग 20,000 करोड़ रुपये हो जाएगा।
इस महत्वपूर्ण निवेश प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आदित्य बिड़ला समूह के अध्यक्ष कुमार मंगलम बिड़ला के साथ बैठक कर राज्य में समूह की वर्तमान और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की।
तीन गुना होगी उत्पादन क्षमता
बैठक में सबसे महत्वपूर्ण विषय हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित कंसारीगुड़ा ग्रीनफील्ड एल्यूमिना रिफाइनरी का विस्तार रहा। प्रारंभिक योजना के तहत इस परियोजना में 8,000 करोड़ रुपये के निवेश से प्रतिवर्ष 10 लाख टन (1 एमटीपीए) क्षमता वाली रिफाइनरी स्थापित की जानी थी।
अब कंपनी ने 12,000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त निवेश कर इसकी क्षमता में 20 लाख टन प्रतिवर्ष (2 एमटीपीए) की वृद्धि का प्रस्ताव दिया है। इसके बाद रिफाइनरी की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 30 लाख टन प्रतिवर्ष (3 एमटीपीए) हो जाएगी।
इस विस्तार के साथ परियोजना का कुल निवेश लगभग 20,000 करोड़ रुपये तक पहुंच जाएगा, जो ओडिशा के खनिज आधारित औद्योगिक विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा।
रोजगार और स्थानीय उद्योगों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
राज्य सरकार के अनुसार इस परियोजना के विस्तार से बड़ी संख्या में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इसके अलावा स्थानीय उद्यमियों, परिवहन सेवाओं, निर्माण एजेंसियों, सेवा प्रदाताओं तथा एल्यूमिनियम आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों को भी व्यापक लाभ मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस निवेश से रायगड़ा और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलेगी तथा स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार प्राप्त होगा।
खनिज संपदा का अधिकतम मूल्य संवर्धन हमारा लक्ष्य : मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने निवेश प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि ओडिशा केवल खनिज संपदा का उत्पादक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता, बल्कि यहां उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का अधिकतम मूल्य संवर्धन, उन्नत विनिर्माण और गुणवत्तापूर्ण रोजगार सृजन सुनिश्चित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि एल्यूमिनियम हमारे औद्योगिक विकास की दृष्टि का प्रमुख आधार है। हमारा लक्ष्य केवल एल्यूमिना और एल्यूमिनियम उत्पादन में देश का अग्रणी राज्य बनना नहीं, बल्कि पूरी मूल्य श्रृंखला में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करना है।
राज्य सरकार का हरसंभव सहयोग मिलेगा
मुख्यमंत्री ने आदित्य बिड़ला समूह को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस परियोजना के लिए भूमि उपलब्ध कराने, आधारभूत ढांचे के विकास, बिजली एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था तथा सभी वैधानिक स्वीकृतियां समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने में पूरा सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करने और उद्योगों को शीघ्र स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अन्य क्षेत्रों में भी निवेश की संभावनाओं पर चर्चा
बैठक के दौरान केवल एल्यूमिना रिफाइनरी ही नहीं, बल्कि कई अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में भी संभावित निवेश पर चर्चा हुई। इनमें तांबा (कॉपर) शोधन उद्योग, तकनीकी वस्त्र (टेक्निकल टेक्सटाइल), आभूषण निर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत एल्यूमिनियम उत्पाद एवं मूल्य संवर्धित विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया।
धातु एवं धातुकर्म क्षेत्र का राष्ट्रीय केंद्र बनने की ओर ओडिशा
राज्य सरकार का मानना है कि आदित्य बिड़ला समूह का यह नया निवेश ओडिशा को भारत के प्रमुख धातु एवं धातुकर्म (मेटल्स एंड मेटलर्जी) केंद्र के रूप में और मजबूत करेगा। खनिज संपदा, उद्योग-अनुकूल नीतियां, बेहतर आधारभूत संरचना और बड़े निवेशकों की बढ़ती रुचि के कारण ओडिशा तेजी से देश के सबसे आकर्षक औद्योगिक निवेश गंतव्यों में शामिल हो रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कंसारीगुड़ा परियोजना का विस्तार न केवल एल्यूमिनियम क्षेत्र में ओडिशा की क्षमता को नई ऊंचाई देगा, बल्कि राज्य में मूल्य संवर्धित विनिर्माण, निर्यात, रोजगार और क्षेत्रीय आर्थिक विकास को भी उल्लेखनीय गति प्रदान करेगा।
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