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पहला बाढ़ का पानी मुंडली बैराज पहुंचा

  •     महानदी में बाढ़ का कोई खतरा नहीं

  •     हीराकुद बांध के 10 फाटकों से छोड़ा गया था पानी

  •     जलस्तर बढ़ने पर प्रशासन सतर्क

  •     नदी किनारे और पुलों पर लोगों के जाने पर रोक

कटक। ओडिशा में मानसून के दौरान वर्ष का पहला बाढ़ का पानी शुक्रवार देर रात हीराकुद बांध से बहते हुए मुंडली बैराज पहुंच गया। इसके साथ ही महानदी नदी प्रणाली में इस वर्ष बाढ़ के पानी का पहला प्रवाह दर्ज किया गया। हालांकि जल संसाधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और महानदी के निचले क्षेत्रों में बाढ़ या किसी प्रकार के नुकसान की आशंका नहीं है।

ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में लगातार हुई भारी बारिश के कारण हीराकुद जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा था। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए गुरुवार से ही हीराकुद बांध के 10 फाटकों के माध्यम से चरणबद्ध तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है। यही पानी अब बहते हुए मुंडली बैराज तक पहुंच चुका है।

दिनभर बढ़ता रहा जल प्रवाह

जल संसाधन विभाग के अनुसार शुक्रवार को मुंडली बैराज में पूरे दिन जल प्रवाह में क्रमिक वृद्धि दर्ज की गई। अधिकारियों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, सुबह 9 बजे तक आवक 79,800 क्यूसेक, निकासी 77,100 क्यूसेक था। दोपहर 12 बजे तक आवक 79,500 क्यूसेक, निकासी 76,500 क्यूसेक, दोपहर 3 बजे तक आवक 79,400 क्यूसेक, निकासी 76,400 क्यूसेक तथा शाम 6 बजे तक आवक 79,900 क्यूसेक, निकासी 76,900 क्यूसेक तथा रात 9 बजे तक आवक 81,200 क्यूसेक, निकासी 89,900 क्यूसेक तथा देर शाम तक मुंडली बैराज से लगभग 1 लाख 96 हजार क्यूसेक पानी का प्रवाह दर्ज किया गया, जो अभी भी खतरे के स्तर से काफी नीचे है।

महानदी, काठजोड़ी और कुआखाई में बढ़ेगा जलस्तर

विशेषज्ञों का कहना है कि मुंडली में जल प्रवाह बढ़ने के साथ ही महानदीकाठजोड़ी और कुआखाई सहित इसकी प्रमुख सहायक नदियों का जलस्तर भी धीरे-धीरे बढ़ेगा। हालांकि यह सामान्य मानसूनी स्थिति का हिस्सा है और इससे किसी प्रकार की बाढ़ जैसी परिस्थिति उत्पन्न होने की संभावना नहीं है।

जल संसाधन विभाग ने बताया कि ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों और निचले इलाकों में वर्षा की तीव्रता अब काफी कम हो चुकी है। ऐसे में अतिरिक्त जल प्रवाह की संभावना सीमित है और वर्तमान में बाढ़ का कोई खतरा नहीं है।

प्रशासन पूरी तरह सतर्क, नदी किनारे जाने पर रोक

जलस्तर में वृद्धि को देखते हुए कटक जिला प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। जिला कलेक्टर ने लोगों को नदी किनारों, पुलों और मुंडली बैराज के आसपास अनावश्यक भीड़ लगाने तथा सेल्फी या फोटो लेने से सख्ती से मना किया है।

निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए मुंडली बैराज और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लगातार गश्त कर रही है और लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील कर रही है।

24 घंटे निगरानी में जल स्थिति

जल संसाधन विभाग के अधिकारी हीराकुद बांध, मुंडली बैराज और महानदी बेसिन की जल स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर बनाए हुए हैं। जल प्रवाह, वर्षा और जलस्तर का लगातार आकलन किया जा रहा है ताकि आवश्यकता पड़ने पर तत्काल निर्णय लिया जा सके।

घबराने की नहीं, सतर्क रहने की जरूरत

अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हीराकुद बांध से पानी का नियंत्रित ढंग से छोड़ा जाना मानसून के दौरान एक नियमित प्रक्रिया है। वर्तमान में सभी जलस्तर सुरक्षित सीमा के भीतर हैं और किसी भी जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। फिर भी लोगों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और नदी के बढ़ते जलस्तर को देखने के लिए जोखिम भरे स्थानों पर जाने से बचें।

प्रशासन का कहना है कि यदि मौसम की स्थिति में कोई बड़ा परिवर्तन होता है तो समय रहते लोगों को सूचित किया जाएगा। फिलहाल महानदी बेसिन की स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में और सुरक्षित है।

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