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मतदाता सूची पुनरीक्षण के कारण होगी देरी
भुवनेश्वर। ओडिशा में पंचायत चुनाव अब अप्रैल या मई 2027 में कराए जाने की संभावना है। राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने संकेत दिया है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन-एसआईआर) की प्रक्रिया जारी रहने के कारण चुनाव कार्यक्रम में हल्की देरी होगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव संतोष कुमार दाश ने शुक्रवार को बताया कि एसआईआर की प्रक्रिया मार्च के पहले सप्ताह तक जारी रहेगी। ऐसे में मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन से पहले पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि संशोधित मतदाता सूची तैयार होने के बाद मानसून शुरू होने से पहले चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे।
सचिव ने बताया कि पंचायत राज संस्थाओं (पीआरआई) और शहरी स्थानीय निकायों (यूएलबी) के चुनावों की तैयारियों की समीक्षा के लिए राजस्व मंडल आयुक्तों (आरडीसी) और जिला कलेक्टरों के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। इसके अलावा, इस महीने की 21 तारीख को एक नियमित समीक्षा बैठक भी निर्धारित की गई है।
इस बार आयोग मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रहा है। पिछले चुनावों की तरह केवल कार्यालय स्तर पर सूची तैयार करने के बजाय इस बार घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन किया जाएगा। स्थानीय निकाय चुनावों के लिए निर्वाचन आयोग (ईसीआई) की मतदाता सूची को वार्डवार विभाजित कर नई मतदाता सूची तैयार की जाएगी।
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार, ओडिशा में 6,794 ग्राम पंचायतें हैं, जिनमें कुल 91,930 वार्ड अथवा मतदान केंद्र शामिल हैं। मतदाता सत्यापन अभियान अक्टूबर से शुरू होने की संभावना है। इस कार्य में बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और आंगनवाड़ी कार्यकर्ता सहयोग करेंगे, ताकि प्रत्येक मतदान केंद्र के लिए त्रुटिरहित और अद्यतन मतदाता सूची तैयार की जा सके।
संतोष कुमार दाश ने कहा कि ईसीआई की मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद उसे वार्डवार विभाजित कर घर-घर सर्वेक्षण कराया जाएगा। इसका उद्देश्य प्रत्येक बूथ के लिए स्वच्छ, अद्यतन और त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार करना है, ताकि प्रत्येक पात्र मतदाता अपने निर्धारित मतदान केंद्र पर आसानी से मतदान कर सके।
चुनाव कार्यक्रम में देरी के कारणों पर उन्होंने बताया कि जनगणना की प्रक्रिया भी इसी अवधि में चलेगी। उन्होंने कहा कि जनगणना का हाउस लिस्टिंग चरण पूरा हो चुका है, जबकि जनसंख्या गणना फरवरी से शुरू होकर एक मार्च तक चलेगी। चूंकि जनगणना और चुनावी कार्यों में एक ही शिक्षक और बीएलओ लगाए जाते हैं, इसलिए जनगणना पूरी होने से पहले पंचायत चुनाव कराना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। जनगणना का कार्य मार्च के पहले सप्ताह में समाप्त होते ही चुनाव की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी
राज्य निर्वाचन आयोग का कहना है कि मतदाता सूची पुनरीक्षण और जनगणना का कार्य पूरा होने के बाद पंचायत चुनाव की प्रक्रिया तेज़ी से आगे बढ़ाई जाएगी, ताकि मानसून से पहले चुनाव सफलतापूर्वक संपन्न कराए जा सकें।
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