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सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन पर जोर
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श्रद्धालुओं की सुविधा सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने शुक्रवार को लोकसेवा भवन में आगामी पवित्र रथयात्रा की तैयारियों को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में रथयात्रा के सफल और सुचारु संचालन के लिए सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण, स्वास्थ्य सुविधाएं, यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्यमंत्री ने सभी विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय, सहयोग और निरंतर संवाद बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रथयात्रा जैसे विशाल आयोजन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर पूर्व नियोजित रणनीति और प्रभावी संचार व्यवस्था आवश्यक है, ताकि किसी भी परिस्थिति में सूचना का अभाव न हो।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अनुभवी और सक्षम अधिकारियों के नेतृत्व में रथयात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराया जा सकता है। उन्होंने अनुष्ठानों का समय पर पालन, रथों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन तथा अग्निशमन व्यवस्था को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों और नशा सेवन करने वालों पर निगरानी, यातायात व्यवस्था, भोजन एवं पेयजल की गुणवत्ता जांच, आपातकालीन निकासी व्यवस्था और मौसम की स्थिति को देखते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
छावनी में तब्दील होगी पुरी
बैठक में जानकारी दी गई कि रथयात्रा की सुरक्षा के लिए 12 हजार पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना भी सतर्क रहेंगी। सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी के लिए 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को विशेष रूप से तैनात किया गया है।
473 सीसीटीवी कैमरों और 65 बड़े एलईडी स्क्रीन
श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा और आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए 473 सीसीटीवी कैमरों और 65 बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए जा रहे हैं। इन स्क्रीन के माध्यम से ओड़िया, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में महत्वपूर्ण जानकारी प्रसारित की जाएगी।
मोबाइल नेटवर्क की सुविधा होगी मजबूत
मोबाइल नेटवर्क की सुविधा को मजबूत करने के लिए 16 स्थायी टेलीकॉम टावरों के साथ कई अस्थायी टावरों की व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं तक त्वरित सूचना पहुंचाने के लिए इस वर्ष बल्क मैसेजिंग सुविधा भी शुरू की जाएगी।
दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए दर्शन की विशेष व्यवस्था
बैठक में बताया गया कि दिव्यांग और बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए गुंडिचा मंदिर में दर्शन की विशेष व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए हेल्प डेस्क स्थापित किए जाएंगे। भीड़ नियंत्रण के लिए कई इवैक्यूएशन कॉरिडोर तैयार किए गए हैं और सभी सुरक्षा गतिविधियों की निगरानी के लिए एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाया गया है।
1700 बायो-टॉयलेट लगाए जाएंगे
श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस वर्ष रथयात्रा के दौरान 1700 बायो-टॉयलेट लगाए जाएंगे। प्रत्येक पांच शौचालयों की साफ-सफाई के लिए एक स्वयंसेवक नियुक्त किया जाएगा। इसके अलावा आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 8 अस्थायी अस्पताल स्थापित किए जाएंगे।
करीब 300 से अधिक ट्रेनें चलने की संभावना
रथयात्रा के दौरान पुरी के लिए इस वर्ष करीब 300 से अधिक ट्रेनें चलने की संभावना है। मुख्यमंत्री ने रेलवे सेवाओं के अनुसार श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए यातायात प्रबंधन, सूचना व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत
बैठक में श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के मुख्य प्रशासक डॉ अरविंद पाढ़ी और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सौमेंद्र प्रियदर्शी ने रथयात्रा की तैयारियों और सुरक्षा व्यवस्थाओं का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया।
बैठक में कानून मंत्री पृथ्वीराज हरिचंदन, मुख्यमंत्री के सलाहकार प्रकाश मिश्रा, मुख्य सचिव अनु गर्ग, विकास आयुक्त डीके सिंह, गृह एवं सूचना व जनसंपर्क विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव हेमंत शर्मा, पुलिस महानिदेशक वाईबी खुरानिया, अग्निशमन महानिदेशक डॉ सुधांशु षाड़ंगी, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव शाश्वत मिश्रा, पुरी जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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