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गरज-चमक और वज्रपात की संभावना
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आईएमडी ने जारी की चेतावनी, लोगों को सतर्क रहने की सलाह
भुवनेश्वर। दक्षिण-पश्चिम मानसून के सक्रिय रहने के कारण ओडिशा के कई जिलों में 12 जुलाई तक वर्षा, गरज-चमक और वज्रपात की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, भुवनेश्वर ने इस संबंध में चेतावनी जारी करते हुए लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है।
मौसम विभाग के अनुसार, आगामी कुछ दिनों तक राज्य के विभिन्न हिस्सों में मौसम वर्षा और गरज-चमक के अनुकूल बना रहेगा।
आईएमडी ने गुरुवार के लिए सुंदरगढ़, अनुगोल, केंदुझर, मयूरभंज, बालेश्वर और भद्रक जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना जताई थी।
इन जिलों में दिन के दौरान बादल गरजने, बिजली चमकने और कहीं-कहीं वर्षा होने का अनुमान था।
उत्तरी ओडिशा में अगले तीन दिनों तक वज्रपात की आशंका
मौसम विभाग ने विशेष रूप से सुंदरगढ़, मयूरभंज और केंदुझर जिलों के लिए अगले तीन दिनों तक गरज-चमक और वज्रपात की संभावना व्यक्त की है।
विभाग के अनुसार, सक्रिय मानसून के प्रभाव से उत्तरी ओडिशा में अगले चार दिनों तक रुक-रुक कर वर्षा और गरज-चमक का दौर जारी रह सकता है।
आईएमडी की लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम विभाग ने प्रभावित जिलों के लोगों से खराब मौसम के दौरान विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि गरज-चमक और वज्रपात के समय अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचें।
आईएमडी ने लोगों को निम्नलिखित सावधानियां अपनाने की सलाह दी है, जिसमें गरज-चमक के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। वज्रपात के समय खुले मैदानों और जलाशयों से दूर रहें। स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग द्वारा जारी परामर्श का पालन करें। तेज गरज-चमक के दौरान यथासंभव घरों के भीतर ही रहें।
खरीफ खेती को मिलेगा लाभ
राज्य के कई हिस्सों में मानसून की सक्रियता के कारण आसमान में बादल छाए हुए हैं और हल्की वर्षा हो रही थी। इससे लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है।
मौसम विभाग का मानना है कि यह वर्षा खरीफ फसलों के लिए भी लाभदायक साबित होगी। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और धान सहित अन्य खरीफ फसलों की बुवाई एवं कृषि कार्यों को गति मिलेगी।
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