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हीराकुद बांध और महानदी की स्थिति पर लगातार नजर : मुख्य अभियंता
भुवनेश्वर। ओडिशा में लगातार हो रही बारिश के बीच राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कहीं भी बाढ़ जैसी स्थिति नहीं है। हालांकि, छत्तीसगढ़ के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में हो रही वर्षा के कारण हीराकुद बांध में जलप्रवाह बढ़ रहा है। इसे देखते हुए जल संसाधन विभाग हीराकुद बांध और महानदी नदी तंत्र की स्थिति पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। विभाग के मुख्य अभियंता (इंजीनियर-इन-चीफ) दिलीप कुमार राउत ने मंगलवार को मीडिया को यह जानकारी दी।
दिलीप राउत ने बताया कि मंगलवार को हीराकुद बांध का जलस्तर 606.12 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी अवधि की तुलना में लगभग तीन से चार फीट कम है। वर्तमान में जलाशय में उसकी कुल भंडारण क्षमता का लगभग 26 प्रतिशत पानी संग्रहित है। उन्होंने कहा कि जलाशय में अभी पर्याप्त संग्रहण क्षमता उपलब्ध है और स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि फिलहाल ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों से हीराकुद बांध में लगभग 1.80 लाख क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। छत्तीसगढ़ के विभिन्न हिस्सों में लगातार वर्षा के कारण इस जलप्रवाह में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है और विभाग का अनुमान है कि बुधवार तक यह बढ़कर लगभग 2.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि जलप्रवाह बढ़ने के साथ ही बांध के जलस्तर में भी वृद्धि होगी। विभाग ने प्रारंभिक तौर पर नौ जुलाई से हीराकुद बांध से पानी छोड़ने की योजना बनाई थी, लेकिन अंतिम निर्णय मौसम की स्थिति, जलप्रवाह और जलाशय के जलस्तर की समीक्षा के बाद ही लिया जाएगा।
मुख्य अभियंता ने कहा कि फिलहाल हीराकुद बांध के दो से तीन फाटक खोलने पर विचार किया जा रहा है। जलप्रवाह, जलस्तर और डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों की स्थिति का समग्र आकलन करने के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विभाग का उद्देश्य जलाशय का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करना तथा निचले इलाकों पर किसी भी संभावित प्रभाव को न्यूनतम रखना है।
मुंडली बैराज से गुजर रहा लगभग 3.26 लाख क्यूसेक पानी
महानदी नदी तंत्र की स्थिति पर जानकारी देते हुए राउत ने बताया कि मुंडली बैराज से वर्तमान में लगभग 3.26 लाख क्यूसेक पानी गुजर रहा है। अनुमान है कि मंगलवार मध्यरात्रि अथवा बुधवार सुबह तक यह प्रवाह बढ़कर लगभग 4.50 लाख क्यूसेक तक पहुंच सकता है। हालांकि विभाग का आकलन है कि जलप्रवाह पांच लाख क्यूसेक से नीचे रहेगा, इसलिए फिलहाल राज्य में बाढ़ की स्थिति बनने की संभावना नहीं है।
आखुआपड़ा में जलस्तर 17.33 फीट दर्ज
उन्होंने बताया कि भद्रक जिले के आखुआपड़ा में जलस्तर 17.33 फीट दर्ज किया गया है, जो अभी चेतावनी स्तर से नीचे है। राज्य के अन्य प्रमुख नदी तंत्रों और जलाशयों की स्थिति भी सामान्य बनी हुई है तथा कहीं से भी गंभीर जलभराव या बाढ़ जैसी सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
जलस्तर और नदियों के प्रवाह की चौबीसों घंटे निगरानी
मुख्य अभियंता ने कहा कि जल संसाधन विभाग, मौसम विभाग, केंद्रीय जल आयोग और जिला प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है। राज्यभर में वर्षा, जलाशयों के जलस्तर और नदियों के प्रवाह की चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। यदि मौसम की परिस्थितियों में कोई बड़ा बदलाव होता है या जलप्रवाह अपेक्षा से अधिक बढ़ता है तो समय रहते आवश्यक निर्णय लेकर जिला प्रशासन और आम जनता को सूचित किया जाएगा।
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