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मृत, स्थानांतरित और दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं के नाम हटे
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4 अगस्त तक दावे-आपत्तियां, 6 सितंबर को अंतिम सूची होगी जारी
भुवनेश्वर। ओडिशा में चल रहे विशेष गहन मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत प्रारूप मतदाता सूची से 20 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं। मुख्य निर्वाचन अधिकारी आरएस गोपालन ने रविवार को बताया कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य अपात्र नामों को हटाकर मतदाता सूची को अधिक सटीक, समावेशी और त्रुटिरहित बनाना है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, संशोधित प्रारूप मतदाता सूची में अब राज्य के कुल 3 करोड़ 13 लाख 87 हजार 34 मतदाता शामिल हैं। इनमें 1 करोड़ 60 लाख पुरुष, 1 करोड़ 43 लाख महिलाएं तथा 2,775 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि 20 मई 2025 तक राज्य की मतदाता सूची में कुल 3 करोड़ 33 लाख 99 हजार 591 मतदाता पंजीकृत थे। सत्यापन के लिए सभी के गणना प्रपत्र (एन्यूमरेशन फॉर्म) मुद्रित किए गए थे। इनमें से 3 करोड़ 13 लाख 87 हजार 34 मतदाताओं का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया, जबकि 20 लाख 12 हजार 557 मतदाता ऐसे पाए गए जो अनुपस्थित थे, जिनकी मृत्यु हो चुकी थी, जो स्थानांतरित हो चुके थे अथवा जिन्होंने अपने प्रपत्र जमा नहीं किए।
हटाए गए नामों में 8.32 लाख मृत मतदाताओं के थे। वहीं 10.70 लाख नाम ऐसे मतदाताओं के हटाए गए जो अपना निवास स्थान बदल चुके थे या सत्यापन के दौरान नहीं मिले। इसके अलावा 1.58 लाख नाम दोहरे पंजीकरण के कारण हटाए गए। अधिकारियों के अनुसार लगभग 14 हजार मतदाताओं ने अपने गणना प्रपत्र भी जमा नहीं किए।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि यदि किसी पात्र मतदाता का नाम गलती से सूची से हट गया है तो उसे चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। ऐसे मतदाता अपने संबंधित बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से संपर्क कर या निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर अपना नाम जांच सकते हैं। जिनका नाम सूची में नहीं है, वे फॉर्म-6 के साथ अनुलग्नक-4 जमा कर पुनः नाम शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष या उससे अधिक आयु का प्रत्येक भारतीय नागरिक मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने का पात्र है।
गोपालन ने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची पर 4 अगस्त तक दावे और आपत्तियां स्वीकार की जाएंगी। सभी आवेदनों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद 6 सितंबर को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
उन्होंने यह भी बताया कि शनिवार को नव-नियुक्त 10 वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में उन्हें प्रारूप मतदाता सूची की गहन जांच, दावों और आपत्तियों के त्वरित निस्तारण तथा यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। अधिकारियों को पूरी प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची की सटीकता, पारदर्शिता और समावेशिता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।
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