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भुवनेश्वर में जलभराव, युवक नाले में बहा
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बीएमसी ने 1929 हेल्पलाइन की सक्रिय की
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राजधानी में बचाव अभियान तेज
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जलनिकासी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश
भुवनेश्वर। बंगाल की खाड़ी में बने डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। राजधानी भुवनेश्वर समेत राज्य के कई जिलों में जलभराव, यातायात बाधित होने और संचार व्यवस्था प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार, भुवनेश्वर नगर निगम (बीएमसी), जिला प्रशासन तथा आपदा प्रबंधन एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर हैं।
मौसम विभाग ने कई जिलों के लिए रेड, ऑरेंज और येलो चेतावनी जारी की है, जबकि बीएमसी ने नागरिकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए 1929 सिटी कॉल सेंटर और इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
भुवनेश्वर नगर निगम ने कहा है कि मानसून और लगातार हो रही बारिश के दौरान शहर को जलभराव मुक्त रखने के उद्देश्य से शिकायत निवारण एवं निगरानी प्रणाली को और मजबूत किया गया है। अब नागरिक जलभराव, बंद नालियों या ओवरफ्लो हो रहे वर्षा जल निकासी नालों की शिकायत चौबीसों घंटे 1929 नंबर पर दर्ज करा सकते हैं। प्रत्येक शिकायत की आईसीसीसी से वास्तविक समय में निगरानी की जाएगी और संबंधित टीम को तत्काल कार्रवाई के लिए भेजा जाएगा।
विभिन्न हिस्सों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती
बारिश के पानी की शीघ्र निकासी सुनिश्चित करने के लिए बीएमसी ने शहर के विभिन्न हिस्सों में अतिरिक्त कर्मियों की तैनाती की है। आधुनिक जेटिंग-कम-सक्शन मशीनों से वर्षा जल निकासी नालों की सफाई की जा रही है, जबकि जलभराव वाले क्षेत्रों में पंपिंग मशीनों के माध्यम से तेजी से पानी निकाला जा रहा है। इसके अलावा रैपिड एक्शन टीमों (आरएटी) को भी विभिन्न संवेदनशील इलाकों में तैनात किया गया है ताकि यातायात सामान्य रखा जा सके और लोगों को कम से कम असुविधा हो।
मेयर ने जलभराव वाले क्षेत्रों का जायजा लिया
बीएमसी की मेयर सुलोचना दास ने जलभराव से प्रभावित विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर स्थिति का जायजा लिया और अधिकारियों को संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने तथा त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
राजधानी में एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया
इधर, लगातार बारिश के बीच शनिवार को राजधानी में एक दर्दनाक हादसा भी सामने आया। वाणी विहार के पास उत्कल विश्वविद्यालय के समीप मुख्य नाले में कचरा और प्लास्टिक की बोतलें एकत्र कर जीविका चलाने वाला युवक अनिल तेज बहाव में बह गया। बताया गया कि बारिश के कारण नाले का जलस्तर काफी बढ़ गया था। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह तेज धारा में बह गया। घटना की सूचना मिलते ही ओडिशा डिजास्टर रैपिड एक्शन फोर्स (ओड्राफ), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), अग्निशमन विभाग और पुलिस ने संयुक्त रूप से व्यापक खोज अभियान शुरू किया। मेयर सुलोचना दास स्वयं घटनास्थल पहुंचीं और बचाव अभियान की निगरानी की।
2021 की दर्दनाक दुर्घटना की यादें हुईं ताजा
यह घटना वर्ष 2021 की उस दर्दनाक दुर्घटना की याद भी ताजा कर गई, जब सौभाग्य नगर में एक स्कूली छात्र खुली नाली में बह गया था और लगभग 19 घंटे बाद उसका शव बरामद हुआ था। उस समय सरकार ने राजधानी की खुली नालियों को ढकने की घोषणा की थी, लेकिन ताजा हादसे ने एक बार फिर शहर की जलनिकासी व्यवस्था और खुली नालियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
फूलबाणी में सर्वाधिक 224.4 मिमी वर्षा दर्ज
पिछले 24 घंटों के दौरान फूलबाणी में सर्वाधिक 224.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई। इसके अलावा टिटिलागढ़ में 205.4 मिमी, नुआपड़ा में 196 मिमी, केंद्रापड़ा में 176 मिमी, कोरापुट में 127.2 मिमी, कटक में 124.8 मिमी, भुवनेश्वर में 119.4 मिमी, बौधगढ़ में 116 मिमी, खुर्दा में 81 मिमी, नयागढ़ में 79 मिमी तथा जगतसिंहपुर में 76.3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई।
साज जिलों के लिए रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए संबलपुर, अनुगोल, बौध, सोनपुर, कालाहांडी, बरगढ़ और नुआपड़ा जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की संभावना जताते हुए रेड अलर्ट जारी किया है। कई अन्य जिलों के लिए ऑरेंज और येलो चेतावनी भी जारी की गई है।
राज्य सरकार ने प्रशासन को सतर्क पर रखा
राज्य सरकार ने रेड, ऑरेंज और येलो अलर्ट वाले सभी जिलों के प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर रहा है।
अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलें
प्रशासन ने लोगों से अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने, खुले नालों के आसपास विशेष सावधानी बरतने तथा मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी सभी परामर्शों का पालन करने की अपील की है। लगातार हो रही बारिश और जलभराव की स्थिति को देखते हुए आने वाले 48 घंटे राज्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
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