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नशामुक्त ओडिशा अभियान में पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई
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1,911 करोड़ की अवैध खेती नष्ट
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2,106 करोड़ का गांजा और 225 करोड़ का गांजा तेल जब्त
भुवनेश्वर। ओडिशा पुलिस ने राज्य में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 4,242 करोड़ रुपये मूल्य के गांजा नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। ‘नशामुक्त ओडिशा’ अभियान के तहत चलाए गए व्यापक अभियान में 1,911 करोड़ रुपये की अवैध गांजा खेती को नष्ट किया गया, जबकि 2,106 करोड़ रुपये मूल्य का गांजा और 225 करोड़ रुपये का गांजा तेल जब्त कर अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क को बड़ा झटका दिया गया।
पुलिस की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की गई इस ऐतिहासिक कार्रवाई को राज्य में नशे के कारोबार के विरुद्ध सबसे प्रभावी अभियानों में से एक माना जा रहा है, जिसने ओडिशा की कानून-व्यवस्था और मादक पदार्थों के विरुद्ध सख्त रुख को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई।
और अधिक तेज होगा अभियान
भुवनेश्वर स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में आयोजित राष्ट्रीय स्तर के प्री-ट्रायल ड्रग डिस्ट्रक्शन स्पेशल ड्राइव कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया ने कहा कि नशामुक्त, सुरक्षित और सशक्त ओडिशा का निर्माण ओडिशा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मादक पदार्थों की तस्करी और ड्रग माफिया के खिलाफ अभियान को आने वाले दिनों में और अधिक तेज किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि भारत सरकार के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) के निर्देशानुसार 26 जून से 10 जुलाई 2026 तक देशभर में विशेष ड्रग विनाश अभियान चलाया जा रहा है।
63,720 एकड़ से अधिक हुई थी अवैध गांजा खेती
डीजीपी के अनुसार, जुलाई 2024 से मार्च 2026 के बीच राज्यव्यापी अभियान के दौरान 63,720 एकड़ से अधिक अवैध गांजा खेती, जिसकी अनुमानित कीमत 1,911 करोड़ है, पूरी तरह नष्ट कर दी गई।
इसी अवधि में एनडीपीएस अधिनियम के तहत 2,445 मामले दर्ज किए गए, 421 टन गांजा (अनुमानित मूल्य 2,106 करोड़) जब्त किया गया तथा 3,502 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
कोरापुट पुलिस ने गांजा तेल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया
अभियान के दौरान कोरापुट पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए अवैध गांजा तेल निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने करीब 1,800 लीटर गांजा तेल (अनुमानित मूल्य 225 करोड़) और लगभग 5 करोड़ मूल्य का गांजा जब्त किया। इस मामले में गिरोह के चार मुख्य आरोपियों को केरल से गिरफ्तार किया गया।
वहीं, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने कंधमाल, बौध, सोनपुर तथा पड़ोसी राज्यों में सक्रिय अंतरराज्यीय ड्रग तस्करी गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को भी गिरफ्तार किया है।
चार विशेष एनडीपीएस अदालतों की स्थापना को मंजूरी
डीजीपी ने बताया कि मादक पदार्थों से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए राज्य सरकार ने भुवनेश्वर, खुर्दा, अनुगोल और संबलपुर में चार विशेष एनडीपीएस अदालतों की स्थापना को मंजूरी दी है।
विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स होगी गठित
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजीपी) स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) का गठन किया जाएगा। इसके तहत राज्यभर में 10 परिचालन इकाइयां और 19 विशेष खुफिया इकाइयां कार्य करेंगी। हर वर्ष कम से कम 100 बड़े ड्रग माफियाओं के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
डीजीपी ने कहा कि अवैध गांजा खेती के पीछे सक्रिय मास्टरमाइंड और वित्तपोषकों की पहचान कर उनके खिलाफ वित्तीय जांच को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ड्रग माफिया की आर्थिक कमर पूरी तरह तोड़ी जा सके।
550 से अधिक थानों में नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम आयोजित
जन-जागरूकता अभियान के तहत राज्य के सभी 35 पुलिस जिलों के 550 से अधिक थानों में नशा विरोधी शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें 25,000 से अधिक नागरिक, 4,882 छात्र-छात्राएं तथा 337 शिक्षक शामिल हुए और नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।
राज्य के खुर्दा, अनुगोल, बालेश्वर, गंजाम, बलांगीर, कोरापुट और सुंदरगढ़ स्थित सात अधिकृत इन्सिनरेटर केंद्रों पर लगभग 80 टन गांजा, 11.4 किलोग्राम ब्राउन शुगर तथा 3,638 बोतल कफ सिरप (अनुमानित बाजार मूल्य 410 करोड़) नष्ट किए जाने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान शुरू होने के बाद अब तक 36 टन गांजा नष्ट किया जा चुका है, जबकि शेष जब्त मादक पदार्थों का कानूनी प्रक्रिया के तहत चरणबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा।
कानून तोड़ने वालों के प्रति नरमी नहीं
डीजीपी खुरानिया ने कहा कि ड्रग तस्करी और मादक पदार्थों के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे और अधिक व्यापक एवं सख्त बनाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून तोड़ने वालों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक, समन्वित कार्रवाई, वित्तीय जांच और जनसहयोग के बल पर ‘नशामुक्त, सुरक्षित और सशक्त ओडिशा’ का निर्माण ओडिशा पुलिस का अटूट संकल्प है। कार्यक्रम में क्राइम ब्रांच के महानिदेशक विनयतोष मिश्र, आईजी (क्राइम ब्रांच) सार्थक षाड़ंगी, डीआईजी (एसटीएफ) कंवर विशाल सिंह सहित पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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