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ओडिशा-आंध्र सीमा के जंगलों में छिपाए गए हथियार
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विस्फोटक और संचार उपकरण जब्त
मालकानगिरि। मालकानगिरि पुलिस ने माओवाद विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा-आंध्र प्रदेश सीमा के निकट जंगलों से माओवादियों के भारी मात्रा में हथियार, विस्फोटक और संचार उपकरण बरामद किए हैं। जिला स्वैच्छिक बल (डीवीएफ) ने आत्मसमर्पण कर चुके माओवादियों से मिली खुफिया सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की।
कालीमेला थाना क्षेत्र के गुंठाबड़ा और कदमगुड़ा के जंगलों में सोमवार सुबह लगभग 6:30 बजे चलाए गए तलाशी अभियान के दौरान पुलिस ने जमीन में छिपाकर रखा गया माओवादी जखीरा बरामद किया।
बरामद सामग्री में दो सेल्फ लोडिंग राइफल, दो देशी पिस्तौल, एक अमेरिकी निर्मित पिस्तौल, एक .303 राइफल की नली, दो आईईडी (2 किलोग्राम और 5 किलोग्राम), एक क्लेमोर बारूदी सुरंग, चार बीजीएल सेल, पांच कारतूस तथा सात वॉकी-टॉकी शामिल हैं।
इसके अलावा पुलिस ने 45 पेन ड्राइव, एक हार्ड डिस्क, बैटरियां, चार्जर तथा विस्फोटक बनाने में प्रयुक्त सामग्री भी जब्त की है। प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि यह जखीरा आंध्र-ओडिशा सीमा विशेष जोनल समिति (एओबीएसजेडसी) का था, जिसका इस्तेमाल आम नागरिकों और सुरक्षा बलों को निशाना बनाने के लिए किया जाना था।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि लगातार चलाए गए माओवादी विरोधी अभियानों के परिणामस्वरूप 31 मार्च 2026 तक मालकानगिरि को माओवादी मुक्त घोषित किया जा चुका है। जनवरी 2025 से मार्च 2026 के बीच जिले में दो माओवादियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 23 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया।
उल्लेखनीय है कि जून माह में यह तीसरी बड़ी बरामदगी है। इससे पहले माठीली और पोड़िया थाना क्षेत्रों में भी माओवादियों के हथियार और विस्फोटकों के जखीरे बरामद किए जा चुके हैं।
सुरक्षा बलों ने स्पष्ट किया है कि क्षेत्र में माओवादी गतिविधियों की दोबारा वापसी रोकने के लिए व्यापक तलाशी और सघन अभियान लगातार जारी रहेगा।
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