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डब्ल्यूईपी-ओडिशा मंच का शुभारंभ
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महिलाओं को एक ही मंच पर मिलेगा ऋण, बाजार, प्रशिक्षण और मार्गदर्शन
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मुख्यमंत्री माझी ने जारी की एक वर्षीय कार्ययोजना
भुवनेश्वर। अंतरराष्ट्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस के अवसर पर आयोजित ‘उद्यमी ओडिशा एमएसएमई कार्यक्रम’ में नीति आयोग के सहयोग से विकसित महिला उद्यमिता मंच-ओडिशा (डब्ल्यूईपी-ओडिशा) का शुभारंभ किया गया। यह मंच महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव, मार्गदर्शन और कौशल विकास जैसी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराएगा।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मंच की एक वर्षीय कार्ययोजना जारी करते हुए कहा कि यह केवल एक योजना नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का व्यापक अभियान है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार महिलाओं को नौकरी खोजने वाली नहीं, बल्कि रोजगार देने वाली और उपभोक्ता नहीं, बल्कि उत्पादक बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य ऐसा ओडिशा बनाना है, जहां महिलाएं केवल विकास की सहभागी नहीं, बल्कि उसकी अगुवाई करें।
उन्होंने बताया कि सुभद्रा योजना के माध्यम से राज्य की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सशक्त बनाया गया है। आईआईएम संबलपुर, भारतीय स्टेट बैंक और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सर्वेक्षणों के अनुसार, ओडिशा में महिला नेतृत्व वाले उद्यमों की हिस्सेदारी 25 प्रतिशत से बढ़कर 53 प्रतिशत हो गई है। साथ ही लाभार्थी महिलाओं के बैंक खातों में औसतन 6,887 रुपये की वृद्धि दर्ज की गई है।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कई महत्वपूर्ण एमएसएमई परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया। इनमें 24.18 करोड़ रुपये की लागत से बालेश्वर में चावल भूसी तेल उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए राइस मिलिंग क्लस्टर, 17.70 करोड़ रुपये की लागत से पहाला में रसगुला क्लस्टर तथा गंजाम जिले के बरपाली और कालाहांडी जिले के केसिंगा में 10-10 करोड़ रुपये की लागत वाले बहुउद्देशीय एमएसएमई पार्क शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि राज्य के प्रत्येक जिले में एक बहुउद्देशीय एमएसएमई पार्क स्थापित किया जाएगा। आने वाले समय में इंजीनियरिंग, मुद्रण एवं पैकेजिंग तथा काजू प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों में भी विशेष क्लस्टर विकसित किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं से अब तक ओडिशा के 4.32 लाख से अधिक एमएसएमई लाभान्वित हुए हैं। प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के तहत 4,900 सूक्ष्म इकाइयों को 146 करोड़ रुपये की सब्सिडी प्रदान की गई है, जिनमें 42.5 प्रतिशत लाभार्थी महिलाएं हैं। इसके अलावा राज्य में क्रेडिट गारंटी योजना के तहत 23,000 करोड़ रुपये से अधिक के बिना जमानत ऋण उपलब्ध कराए गए हैं, जबकि मुख्यमंत्री-एसआरआईएम योजना के माध्यम से ब्याज का भार राज्य सरकार वहन कर रही है।
नीति आयोग के उपाध्यक्ष अशोक कुमार लाहिड़ी ने ओडिशा की प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि पूर्वोदय की परिकल्पना के तहत राज्य तेजी से उभर रहा है। उन्होंने सकल राज्य घरेलू उत्पाद की मजबूत वृद्धि और राजकोषीय स्वास्थ्य सूचकांक-2026 में ओडिशा के शीर्ष स्थान का भी उल्लेख किया।
उपमुख्यमंत्री प्रभाती परिडा ने कहा कि डब्ल्यूईपी-ओडिशा महिला नेतृत्व वाली अर्थव्यवस्था की दिशा में एक नए अध्याय की शुरुआत है। वहीं, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री गोकुलानंद मलिक ने कहा कि वर्ष 2036 के विकसित ओडिशा के लक्ष्य और 500 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था के निर्माण में महिला उद्यमियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी।
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