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चिकित्सकों पर हमले की कड़ी निंदा
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अस्पताल का दावा- मरीज को सभी मानक उपचार दिए गए
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मौत के बाद परिजनों ने चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों पर किया हमला
भुवनेश्वर। एम्स भुवनेश्वर ने मरीज की मौत के बाद इलाज में लापरवाही के लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि मरीज को निर्धारित चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप हरसंभव उपचार उपलब्ध कराया गया था। संस्थान ने घटना के बाद चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ अस्वीकार्य हिंसा बताया है।
गंभीर हालत में कराया गया था भर्ती
एम्स की ओर से जारी बयान के अनुसार, 36 वर्षीय एक व्यक्ति ने 24 जून को अपने घर में कथित रूप से लगभग 10 ग्राम विषाक्त पदार्थ का सेवन कर लिया था। बताया गया कि उस समय वह शराब के प्रभाव में था। शाम करीब 5:25 बजे उसे गंभीर अवस्था में एम्स के आपातकालीन विभाग में लाया गया।
अस्पताल के अनुसार, चिकित्सकों ने तत्काल उसका उपचार शुरू किया, आवश्यक आपातकालीन चिकित्सा उपलब्ध कराई और स्थिति स्थिर होने के बाद उसे मेडिसिन वार्ड में भर्ती कर मानक उपचार प्रोटोकॉल के अनुसार इलाज जारी रखा।
हालत बिगड़ने पर बचाने के किए गए सभी प्रयास
एम्स ने बताया कि 27 जून की सुबह मरीज की हालत अचानक गंभीर हो गई। चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों ने परिजनों को मरीज की गंभीर स्थिति से अवगत कराने के बाद तत्काल जीवन रक्षक उपचार शुरू किया। हालांकि सभी प्रयासों के बावजूद मरीज को बचाया नहीं जा सका और उसे मृत घोषित कर दिया गया।
मौत के बाद चिकित्सकों पर हमला
अस्पताल के अनुसार, मरीज की मौत के बाद उसके कुछ परिजन और परिचित आक्रोशित हो गए तथा उन्होंने ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों के साथ मारपीट की। एम्स ने इसे स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा का गंभीर मामला बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लिया
एम्स ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, आरोपित लोगों को हिरासत में लिया और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इलाज में लापरवाही से किया इनकार
एम्स भुवनेश्वर ने स्पष्ट किया कि मरीज के उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती गई। अस्पताल का कहना है कि उपचार करने वाली टीम ने स्थापित चिकित्सकीय मानकों के अनुरूप हरसंभव चिकित्सा सुविधा और हस्तक्षेप उपलब्ध कराया।
चिकित्सकों के साथ खड़ा है एम्स: चिकित्सा अधीक्षक
एम्स भुवनेश्वर के चिकित्सा अधीक्षक डॉ प्रभास रंजन त्रिपाठी ने स्वास्थ्यकर्मियों पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के खिलाफ हिंसा किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने कहा कि हमारी चिकित्सकीय टीम ने स्थापित उपचार प्रोटोकॉल का पालन करते हुए मरीज की जान बचाने के लिए हरसंभव प्रयास किया। एम्स भुवनेश्वर अपने सभी स्वास्थ्यकर्मियों के साथ मजबूती से खड़ा है और दोषियों को कानून के दायरे में लाने के लिए जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।
कानून का पालन करने की अपील
एम्स भुवनेश्वर ने आम जनता से स्वास्थ्य व्यवस्था पर विश्वास बनाए रखने और किसी भी प्रकार की शिकायत या असंतोष का समाधान कानूनी एवं शांतिपूर्ण तरीके से करने की अपील की है। संस्थान ने कहा कि चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी दिन-रात लोगों की जान बचाने के लिए समर्पित भाव से कार्य करते हैं और उनके प्रयासों का सम्मान किया जाना चाहिए।
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