-
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने की बड़ी घोषणा
-
जल्द आएगी नई फिल्म नीति
भुवनेश्वर। ओड़िशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के ओड़िया फिल्म उद्योग को नई दिशा देने के उद्देश्य से जल्द ही नई व्यापक फिल्म नीति लागू करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि सरकार ओड़िया कलाकारों के हितों की रक्षा, उच्च गुणवत्ता वाली फिल्म निर्माण व्यवस्था और राज्य के फिल्म उद्योग के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री ने यह घोषणा शुक्रवार को लोक सेवा भवन कन्वेंशन सेंटर में आयोजित 35वें एवं 36वें ओड़िशा राज्य फिल्म पुरस्कार समारोह के दौरान की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य फिल्म नीति तैयार करने के लिए फिल्म जगत से जुड़े सभी हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा की जा रही है। हाल ही में फिल्म जगत के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर ओड़िया सिनेमा की वर्तमान स्थिति और उसके विकास की संभावनाओं पर विचार-विमर्श किया गया है। सरकार कलाकारों की सुरक्षा, तकनीकी सहयोग तथा गुणवत्तापूर्ण फिल्मों के निर्माण के लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराएगी।
ओड़िया सिनेमा हमारी पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड़िया सिनेमा राज्य की सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1936 में, जब ओड़िशा एक पृथक राज्य बना, उसी वर्ष मोहन सुंदर देव गोस्वामी ने पहली ओड़िया फिल्म ‘सीता विवाह’ का निर्माण किया था। उन्होंने ‘माया मृग’, ‘भूखा’, ‘शेष श्रावण’ और ‘हाकिम बाबू’ जैसी कालजयी फिल्मों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन फिल्मों ने ओड़िया संस्कृति को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई। वहीं ‘दमन’, ‘प्रतीक्षा’, ‘शाला बूढ़ा’, ‘पुष्करा’, ‘बौ बुटु भूता’ और ‘बड़ा बहू’ जैसी नई फिल्मों ने स्थानीय कहानियों के माध्यम से ओड़िया सिनेमा को नई राष्ट्रीय पहचान प्रदान की है।
युवाओं को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीकी प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी छायांकन, ध्वनि संयोजन और दृश्य प्रभाव जैसे क्षेत्रों में विश्वस्तरीय तकनीक अपना रही है। सरकार का प्रयास है कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण ओड़िशा में ही उपलब्ध कराया जाए, ताकि उन्हें रोजगार के लिए अन्य राज्यों का रुख न करना पड़े।
राष्ट्रीय डिजिटल एवं पोस्ट-प्रोडक्शन केंद्र बनेगा कलिंग स्टूडियो
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि कलिंग स्टूडियो को देश के प्रमुख डिजिटल एवं पोस्ट-प्रोडक्शन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और ओड़िशा राष्ट्रीय फिल्म उद्योग में महत्वपूर्ण स्थान हासिल करेगा। उन्होंने फिल्म निर्माताओं से ओड़िशा की प्राकृतिक सुंदरता का उपयोग करते हुए सिनेमा पर्यटन को बढ़ावा देने का भी आह्वान किया।
ओड़िया फिल्मों की जगह दूसरी भाषा की फिल्में लगाने पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सिनेमाघर संचालकों और वितरकों को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि यदि ओड़िया फिल्मों को हटाकर दूसरी भाषाओं की फिल्मों को प्राथमिकता दी गई तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार इस विषय पर पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने दर्शकों से भी अधिक संख्या में सिनेमाघरों में जाकर ओड़िया फिल्में देखने की अपील करते हुए कहा कि एक फिल्म के पीछे सैकड़ों तकनीशियनों, लेखकों और दैनिक मजदूरों की आजीविका जुड़ी होती है।
वरिष्ठ कलाकारों को मिला मोहन सुंदर देव गोस्वामी सम्मान
समारोह में वर्ष 2023 के लिए वरिष्ठ अभिनेता श्यामलेंदु भट्टाचार्य तथा वर्ष 2024 के लिए वरिष्ठ अभिनेत्री नम्रता दास को प्रतिष्ठित मोहन सुंदर देव गोस्वामी सम्मान से सम्मानित किया गया। दोनों कलाकारों को पांच-पांच लाख रुपये की सम्मान राशि प्रदान की गई। इसके अलावा वर्ष 2023 और 2024 के लिए कुल 62 विभिन्न श्रेणियों में कलाकारों और फिल्मकर्मियों को सम्मानित किया गया।
मंत्रियों ने भी जताया सरकार का संकल्प
उद्योग मंत्री सम्पद चंद्र स्वाईं ने कहा कि ओड़िया फिल्म उद्योग राज्य की ऑरेंज अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने बताया कि बीजू पटनायक फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान इस क्षेत्र के लिए कुशल मानव संसाधन तैयार करेगा।
उच्च शिक्षा, खेल एवं युवा सेवा तथा ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने कहा कि विकसित ओड़िशा का सपना तभी साकार होगा जब ओड़िया फिल्म उद्योग समृद्ध होगा। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक कलाकार के सुझावों का स्वागत करती है।
समारोह में विधायक एवं अभिनेता सिद्धांत महापात्र, विधायक एवं अभिनेता आकाश दास नायक, विधायक बाबू सिंह, फिल्म निर्देशक प्रणब दास सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम का आयोजन ओड़िया भाषा, साहित्य एवं संस्कृति विभाग द्वारा किया गया।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
