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इलाज के दौरान अनुगोल की बुधुबरी नायक ने तोड़ा दम
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ओडिशा के 12 श्रमिकों की जा चुकी है जान
भुवनेश्वर। तमिलनाडु के तिरुवल्लूर जिले स्थित एक समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में अमोनिया गैस रिसाव की दर्दनाक घटना में ओडिशा की एक और प्रवासी महिला श्रमिक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अनुगोल जिले की बुधुबरी नायक ने अस्पताल में अंतिम सांस ली। इसके साथ ही इस हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है, जिनमें ओडिशा के 12 और असम के दो श्रमिक शामिल हैं।
बुधुबरी नायक गैस रिसाव के बाद गंभीर रूप से प्रभावित हुई थीं और घटना के बाद से वेंटिलेटर पर उनका उपचार चल रहा था। तमिलनाडु के अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। शव परीक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनका पार्थिव शरीर ओडिशा लाया जाएगा।
चार श्रमिक अस्पताल से हुए स्वस्थ
ओडिशा श्रम विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अस्पताल में भर्ती चार ओड़िया श्रमिक स्वस्थ होने के बाद छुट्टी पा चुके हैं। वे उसी कारखाने में कार्यरत 58 अन्य प्रवासी श्रमिकों के साथ रेल मार्ग से ओडिशा लौट रहे हैं।
मृतकों में अधिकांश केंदुझर की जुआंग जनजाति की महिलाएं
इस हादसे में पहले ही केंदुझर जिले की 11 जुआंग जनजाति की महिलाओं के शव उनके परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। मृतकों में रीता जुआंग, सुभासी जुआंग, गुमानी जुआंग (15), फुलोमणि जुआंग, शिवानी जुआंग, गीता जुआंग, चंपाबती जुआंग, पूर्णिमा जुआंग और पार्वती जुआंग सहित अन्य शामिल हैं। सभी विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूह (पीवीटीजी) जुआंग समुदाय से थीं।
एनएचआरसी ने लिया संज्ञान
तमिलनाडु गैस रिसाव हादसे में केंदुझर जिले के 11 ओड़िया प्रवासी श्रमिकों की मौत के मामले में राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। आयोग ने कोरापुट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुप कुमार पात्र की शिकायत पर मामला दर्ज किया है।
25 लाख मुआवजा और घायलों का पूरा इलाज कराने की मांग
याचिका में आयोग से तमिलनाडु के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक को घटना तथा संयुक्त जांच समिति की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। साथ ही प्रत्येक मृतक के परिजनों को 25 लाख रुपये का मुआवजा, घायलों के संपूर्ण इलाज का खर्च, प्रभावित परिवारों के पुनर्वास तथा विशेष रूप से केंदुझर के पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की गई है।
कारखाने में सुरक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल
याचिका में समुद्री खाद्य प्रसंस्करण इकाई में असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और नाबालिगों से काम कराए जाने के आरोप भी लगाए गए हैं। अधिवक्ता ने कारखाना प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा तमिलनाडु की सभी 6,669 खतरनाक श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
10-10 लाख रुपये की अनुग्रह राशि
ओडिशा सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक प्रवासी श्रमिक के परिजनों को 10-10 लाख रुपये की अनुग्रह सहायता देने की घोषणा की है। राज्य सरकार के अधिकारी तमिलनाडु प्रशासन के साथ समन्वय कर मृतका का पार्थिव शरीर शीघ्र ओडिशा लाने की व्यवस्था कर रहे हैं।
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