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षड्यंत्रकारियों का पता लगाने के लिए उच्चस्तरीय जांच हो – प्रसन्न आचार्य
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विपक्ष के उपनेता ने कहा- केवल प्रशासनिक जांच पर्याप्त नहीं, दोषियों को बेनकाब किया जाए
भुवनेश्वर। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार नई पाठ्यपुस्तकों में सामने आई बड़ी संख्या में त्रुटियों को लेकर बीजू जनता दल (बीजद) के वरिष्ठ विधायक एवं विधानसभा में विपक्ष के उपनेता प्रसन्न आचार्य ने उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में शामिल कथित षड्यंत्रकारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री भी जता चुके हैं षड्यंत्र की आशंका
प्रसन्न आचार्य ने कहा कि स्वयं मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने पाठ्यपुस्तकों में 1,600 से अधिक त्रुटियों को “संभावित षड्यंत्र” बताया है। ऐसे में केवल प्रशासनिक जांच पर्याप्त नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि यह एक गंभीर अपराध है। जब मुख्यमंत्री स्वयं षड्यंत्र की आशंका जता रहे हैं, तो मामले की तह तक पहुंचने और इसके पीछे शामिल लोगों को बेनकाब करने के लिए उच्चस्तरीय जांच कराई जानी चाहिए।
मुख्यमंत्री ने चार अधिकारियों को किया निलंबित
गौरतलब है कि शुक्रवार को मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने विकास आयुक्त डीके सिंह की अध्यक्षता वाली जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक शिक्षा एवं राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी) के पूर्व निदेशक मनोज पाढ़ी तथा तीन सहायक निदेशकों को निलंबित कर दिया था। इसके अलावा छह अन्य सहायक निदेशकों के खिलाफ भी अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
55 पाठ्यपुस्तकों में मिलीं 1,678 त्रुटियां
सरकार द्वारा गठित जांच समिति ने कक्षा 1 से 8 तक की 55 नई एससीईआरटी पाठ्यपुस्तकों में कुल 1,678 त्रुटियों का पता लगाया। इनमें तथ्यात्मक गलतियां, व्याकरण संबंधी त्रुटियां, वर्तनी की गलतियां और संदर्भों की अशुद्धियां शामिल हैं।
पुस्तकों में सामने आईं चौंकाने वाली गलतियां
जांच में कई गंभीर तथ्यात्मक त्रुटियां भी सामने आई हैं। कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में ओडिशा की नियामगिरि पहाड़ियों को झारखंड में बताया गया है, जबकि कर्नाटक विधानसभा भवन को ओडिशा विधानसभा के रूप में दर्शाया गया है।
इसी प्रकार कक्षा 8 की विज्ञान पुस्तक में महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन को “महान पायलट” बताया गया है। वहीं कक्षा 8 की एक अन्य पुस्तक ‘जैस्मिन’ में कर्नाटक के हम्पी स्मारक को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में प्रकाशित किया गया है।
मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज
पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में त्रुटियां सामने आने के बाद यह मामला राजनीतिक रूप से भी तूल पकड़ चुका है। विपक्ष जहां उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहा है, वहीं राज्य सरकार दोषियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर चुकी है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में किसी भी स्तर की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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