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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने दी मंजूरी
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने राज्य के अधिवक्ताओं के हित में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए राज्य अधिवक्ता कल्याण कोष से प्रदान की जाने वाली सहायता राशि में 40 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी है। यह बढ़ी हुई सहायता राशि अधिवक्ताओं के सेवानिवृत्ति अथवा निधन की स्थिति में उन्हें या उनके परिजनों को प्रदान की जाएगी।
इस निर्णय से राज्य के विभिन्न न्यायालयों में कार्यरत हजारों अधिवक्ताओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। उल्लेखनीय है कि अधिवक्ताओं के लिए इस सहायता राशि में अंतिम बार वर्ष 2021 में वृद्धि की गई थी।
नई व्यवस्था के अनुसार, पांच वर्ष अथवा उससे कम अवधि तक कार्यरत अधिवक्ताओं के निधन की स्थिति में उनके निकटतम परिजनों को 1.05 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसके बाद प्रत्येक अतिरिक्त वर्ष के अनुभव के साथ सहायता राशि में क्रमिक वृद्धि होती जाएगी।
यह सहायता सेवानिवृत्ति और निधन, दोनों ही परिस्थितियों में उपलब्ध होगी। संशोधित प्रावधानों के तहत, यदि कोई अधिवक्ता 30 वर्षों तक सक्रिय रूप से वकालत करता है, तो सेवानिवृत्ति की स्थिति में उसे अथवा निधन की स्थिति में उसके निकटतम परिजन को 6.30 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह इस योजना के अंतर्गत निर्धारित अधिकतम सहायता राशि होगी।
मुख्यमंत्री के इस निर्णय को अधिवक्ता समुदाय के सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे न केवल अधिवक्ताओं को भविष्य के प्रति अधिक सुरक्षा का भरोसा मिलेगा, बल्कि उनके परिवारों को भी कठिन परिस्थितियों में आर्थिक संबल प्राप्त होगा।
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