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अरण्य भवन में आयोजित हुआ केंदुपत्ता चिंतन शिविर-2026
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उत्कृष्ट कार्य करने वाले 18 कर्मियों का सम्मान
भुवनेश्वर। राजधानी भुवनेश्वर स्थित अरण्य भवन के छठी मंजिल स्थित सम्मेलन कक्ष में बुधवार को केंदुपत्ता चिंतन शिविर-2026 का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य केंदुपत्ता संचालन की उपलब्धियों की समीक्षा, क्षेत्रीय स्तर के नवाचारों के आदान-प्रदान तथा भविष्य की रणनीतियों पर विचार-विमर्श करना था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव भास्कर ज्योति शर्मा ने की। उन्होंने कहा कि भविष्य में विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से राज्य में रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा सकते हैं। इसके लिए व्यापक प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों की आवश्यकता है, जिससे केंदुपत्ता संचालन की कार्यक्षमता बढ़ेगी और वन आधारित समुदायों के लिए स्थायी आजीविका के अवसर उपलब्ध होंगे।
केंदुपत्ता संचालन की उपलब्धियों पर प्रस्तुत की गई फिल्म
कार्यक्रम के दौरान ओडिशा में केंदुपत्ता संचालन की उपलब्धियों और इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभावों पर आधारित एक वीडियो प्रस्तुति दिखाई गई। इसमें बताया गया कि केंदुपत्ता गतिविधियों ने ग्रामीण विकास, रोजगार सृजन और लाभार्थियों के कल्याण में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अधिकारियों ने साझा किए नवाचार और सफल अनुभव
चिंतन शिविर में बलांगीर (केंदुपत्ता) प्रभाग के सहायक वन संरक्षक तथा बौध, भवानीपाटना और राउरकेला केंदुपत्ता प्रभागों के प्रभागीय वन अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने केंदुपत्ता संग्रहण, प्रसंस्करण और प्रबंधन में अपनाई गई सफल पहल, सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों की जानकारी दी।
उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए 18 कर्मियों को सम्मान
केंदुपत्ता संचालन में उत्कृष्ट योगदान और बेहतर प्रदर्शन के लिए 18 क्षेत्रीय कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी इसी तरह उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
उत्पादन और गुणवत्ता बढ़ाने पर जोर
कार्यक्रम में डॉ के मुरुगेशन, प्रेम कुमार झा तथा उमा नंदुरी भी उपस्थित रहे।
उन्होंने अपने संबोधन में अधिकारियों और कर्मचारियों से आगामी केंदुपत्ता मौसम में गुणवत्ता और उत्पादन दोनों बढ़ाने पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि केंदुपत्ता संचालन से होने वाली आय में वृद्धि से लाभार्थियों और वन आश्रित समुदायों के कल्याणकारी कार्यक्रमों को और मजबूती मिलेगी।
कार्यकुशलता और लाभार्थी कल्याण पर चर्चा
शिविर में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, प्रभागीय वन अधिकारियों, सहायक वन संरक्षकों, क्षेत्रीय वन अधिकारियों तथा केंदुपत्ता शाखा के अन्य अधिकारियों ने भाग लिया। सभी ने केंदुपत्ता संचालन की कार्यकुशलता, उत्पादकता और लाभार्थियों के कल्याण को बढ़ाने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की।
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