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रेल, सड़क और पर्यटन की मेगा परियोजनाओं पर जोर
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मुख्य सचिव अनु गर्ग ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
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सुशासन और परिणाम आधारित प्रशासन पर दिया बल
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने ‘विकसित अनुगोल’ अभियान को गति देने के लिए रेल, सड़क, जल परिवहन, स्वास्थ्य, पेयजल और पर्यटन से जुड़ी कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है। इस संबंध में गुरुवार को खारवेल भवन में मुख्य सचिव अनु गर्ग की अध्यक्षता में सचिव-स्तरीय उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विकास आयुक्त-सह-अतिरिक्त मुख्य सचिव देवरंजन कुमार सिंह, विभिन्न विभागों के अतिरिक्त मुख्य सचिव और वरिष्ठ सचिव उपस्थित थे। बैठक में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने तथा नागरिक-केंद्रित शासन व्यवस्था को मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा हुई।
रैपिड सर्वे आधारित मूल्यांकन प्रणाली पर चर्चा
बैठक में वित्त विभाग के प्रधान सचिव संजीव कुमार मिश्र ने प्रस्तावित ‘रैपिड सर्वे आधारित मूल्यांकन’ प्रणाली की जानकारी दी। इस नई व्यवस्था के माध्यम से सरकारी योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की त्वरित और तथ्याधारित समीक्षा की जा सकेगी।
इससे योजनाओं में समय रहते सुधार, नीतिगत संशोधन और बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
जन विश्वास विधेयक-2026 और प्रशासनिक सुधारों की समीक्षा
बैठक में जन विश्वास विधेयक-2026, उद्योगों में अनावश्यक अनुमतियों और प्रक्रियागत बाधाओं को कम करने के लिए चल रही विनियमन-शिथिलीकरण पहल, रिक्त पदों की भर्ती तथा लंबित सरकारी बिजली बिलों के भुगतान की प्रगति की भी समीक्षा की गई।
‘विकसित अनुगोल’ परियोजनाओं की विस्तृत प्रस्तुति
बैठक का प्रमुख आकर्षण अनुगोल जिलाधिकारी अब्दुल्ला एम. अख्तर द्वारा प्रस्तुत ‘विकसित अनुगोल’ योजना थी। उन्होंने अनुगोल जिले को विकसित जिले के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से तैयार 26 महत्वपूर्ण आधारभूत संरचना एवं विकास परियोजनाओं का विस्तृत खाका प्रस्तुत किया।
रेल संपर्क को मिलेगा बड़ा विस्तार
प्रस्तावित परियोजनाओं में बूढ़ापंक-टेंटुलोई-लुबुरी के बीच 112.56 किलोमीटर लंबा बाह्य रेल कॉरिडोर तथा पुटुगड़िया-टेंटुलोई के बीच 50 किलोमीटर लंबा आंतरिक रेल कॉरिडोर शामिल है।
इन परियोजनाओं से कोयला और खनिजों के परिवहन में उल्लेखनीय सुधार होगा, जिससे राज्य और देश के औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
इसके अलावा तालचेर-विमलागढ़ रेल संपर्क परियोजना को भी प्राथमिकता दी गई है।
सड़क, जलमार्ग और पेयजल सुविधाओं का विस्तार
बैठक में राष्ट्रीय राजमार्ग-53 और राष्ट्रीय राजमार्ग-149 के उन्नयन, राष्ट्रीय जलमार्ग-5 के विकास तथा पांच मेगा पाइप पेयजल परियोजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा हुई।
इन पेयजल परियोजनाओं को मार्च 2027 से दिसंबर 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वास्थ्य और उद्योग क्षेत्र को भी मिलेगा लाभ
अनुगोल में एल्यूमिनियम पार्क के विस्तार तथा पवित्र मोहन चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल को पूर्ण रूप से संचालित करने की दिशा में तेजी लाने पर भी जोर दिया गया।
इन परियोजनाओं से जिले में औद्योगिक विकास के साथ-साथ स्वास्थ्य सेवाओं में भी उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
सातकोसिया और माल्यागिरि क्षेत्र में पर्यटन विकास
पर्यटन क्षेत्र के विकास के लिए माल्यागिरि-रेंगाली-मंजोर पारिस्थितिक पर्यटन सर्किट विकसित करने तथा सतकोसिया को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना पर विस्तार से चर्चा की गई।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों को नई पहचान मिलेगी।
मुख्य सचिव ने दिए समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने सभी विभागों को इन प्राथमिकता वाली परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी बनाए रखने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं के साथ-साथ प्रशासन को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनहितैषी बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाए।उन्होंने अधिकारियों से परिणाम आधारित प्रशासन को मजबूत करने और आम लोगों तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने के लिए समन्वित प्रयास करने का आह्वान किया।
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