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राज्यपाल ने स्वच्छ ऊर्जा आधारित सिंचाई को बताया भविष्य का समाधान
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पीएम-कुसुम योजना के व्यापक प्रचार और सिंचाई परियोजनाओं के समयबद्ध पूरा करने के दिए निर्देश
भुवनेश्वर। ओडिशा के राज्यपाल डॉ हरि बाबू कंभमपाटी ने राज्य में सौर ऊर्जा चालित सिंचाई पंपों को बड़े पैमाने पर अपनाने पर जोर देते हुए कहा है कि इससे किसानों की सिंचाई लागत घटेगी, आय बढ़ेगी और राज्य के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों को प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
बुधवार को लोक भवन के न्यू अभिषेक हॉल में जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान राज्यपाल ने कहा कि सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था टिकाऊ कृषि और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने का प्रभावी माध्यम है।
किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होंगे सौर पंप
राज्यपाल ने कहा कि सौर पंपों के व्यापक उपयोग से किसानों का बिजली और सिंचाई पर होने वाला खर्च कम होगा। साथ ही, अतिरिक्त बिजली उत्पादन होने पर उसे ग्रिड में भेजकर किसान अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे।
उन्होंने कहा कि यह पहल टिकाऊ कृषि पद्धतियों को मजबूत करने के साथ-साथ स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी।
पीएम-कुसुम योजना के व्यापक प्रचार का आह्वान
डॉ कंभमपाटी ने अधिकारियों को पीएम-कुसुम योजना के प्रति किसानों में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने पारंपरिक बिजली चालित पंपों के स्थान पर सौर पंपों को अपनाने के लिए ठोस रणनीति तैयार करने और किसानों के बीच सौर सिंचाई प्रणाली का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया।
जल संसाधन विभाग के लिए 14,500 करोड़ रुपये के बजट की सराहना
राज्यपाल ने जल संसाधन विभाग के लिए राज्य सरकार द्वारा बजट में आवंटित रिकॉर्ड 14,500 करोड़ रुपये की सराहना की। उन्होंने इसे सिंचाई अवसंरचना को मजबूत करने और किसानों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
सिंचाई, भूजल और 2047 रोडमैप की समीक्षा
बैठक में अधिकारियों ने सतही एवं भूजल संसाधनों, बड़ी और लघु सिंचाई परियोजनाओं, कमांड एरिया विकास, सृजित सिंचाई क्षमता, जलवायु अनुकूल उपायों तथा विभाग के वर्ष 2047 तक के विकास रोडमैप की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
मत्स्य पालन को आय का अतिरिक्त स्रोत बनाने का सुझाव
राज्यपाल ने सिंचाई प्रणालियों के अंतिम छोर वाले क्षेत्रों में, जहां पर्याप्त मात्रा में पानी कृषि भूमि तक नहीं पहुंच पाता, वहां मत्स्य पालन की संभावनाओं का अध्ययन करने का सुझाव दिया।
उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के साथ मत्स्य पालन को जोड़ने से किसानों को अतिरिक्त आय का स्रोत मिलेगा और यह ग्रामीण आजीविका विकास का एक उत्कृष्ट मॉडल बन सकता है।
परियोजनाओं को समय पर पूरा करने के निर्देश
राज्यपाल ने अधिकारियों को सभी चल रही सिंचाई परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि किसानों और ग्रामीण समुदायों को जल्द से जल्द अधिकतम लाभ मिल सके।
उन्होंने जल संरक्षण और जल प्रबंधन के क्षेत्र में विभाग के प्रयासों की सराहना की तथा सरकार की पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीतियों की भी समीक्षा की।
बैठक में जल संसाधन विभाग की प्रधान सचिव शुभा शर्मा सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
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