-
1 जुलाई से शुरू होगी योजना
-
ग्रामीण परिवारों को साल में 120 दिन रोजगार की गारंटी
-
काम नहीं मिलने पर मिलेगा बेरोजगारी भत्ता
भुवनेश्वर। ओडिशा सरकार ने ग्रामीण रोजगार और आजीविका को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (वीबी-जी राम जी) योजना को अधिसूचित कर दिया है। यह योजना 1 जुलाई 2026 से राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में लागू होगी।
हाल ही में राज्य मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत इस योजना को महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) से प्रेरित बताया जा रहा है, लेकिन इसका उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और अधिक प्रभावी तथा लक्षित सहायता प्रदान करना है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार को प्रतिवर्ष कम से कम 120 दिनों का अकुशल श्रम आधारित रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। 18 वर्ष या उससे अधिक आयु के परिवार के वयस्क सदस्य इसके लिए आवेदन कर सकेंगे।
15 दिनों में रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य
सरकार के अनुसार आवेदन प्राप्त होने के 15 दिनों के भीतर रोजगार उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि प्रशासन निर्धारित अवधि में काम उपलब्ध कराने में विफल रहता है तो संबंधित लाभार्थी को बेरोजगारी भत्ता दिया जाएगा।
बायोमेट्रिक उपस्थिति और जियो-टैगिंग से होगी निगरानी
योजना में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए बायोमेट्रिक उपस्थिति और कार्यस्थलों की जियो-टैगिंग अनिवार्य की गई है। सरकार का मानना है कि इन उपायों से वास्तविक लाभार्थियों तक धनराशि पहुंचाने में मदद मिलेगी तथा अनियमितताओं और धन के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लगेगी।
सभी ग्राम पंचायतों में होगा क्रियान्वयन
पंचायती राज और पेयजल विभाग की ओर से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि यह योजना राज्य की सभी ग्राम पंचायतों में लागू की जाएगी। इसका मकसद न सिर्फ़ तुरंत मज़दूरी वाला रोज़गार देना है, बल्कि स्किल से जुड़े मौकों और एसेट बनाने के जरिए ग्रामीण इलाकों में लंबे समय तक आजीविका के साधन भी बेहतर बनाना है।
मौसमी बेरोजगारी से मिलेगी राहत
राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में मौसमी बेरोजगारी लंबे समय से एक बड़ी चुनौती रही है। ऐसे में सरकार की यह पहल ग्रामीण परिवारों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि यह योजना केंद्र सरकार की मौजूदा योजनाओं के पूरक के रूप में कार्य करेगी और राज्य को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रोजगार सृजन कार्यक्रमों को लागू करने में अधिक लचीलापन प्रदान करेगी।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई मजबूती
सरकार को उम्मीद है कि ‘विकसित भारत-ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन’ के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, आय में वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर टिकाऊ विकास को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही गांवों में आधारभूत परिसंपत्तियों के निर्माण और आजीविका के नए अवसरों के सृजन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
