वाशिंगटन। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते पर स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने से दो दिन पूर्व सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से अहम बातचीत की है। ट्रंप ने हिजबुल्लाह के खिलाफ जंग को लेकर इजराइल की आलोचना की। उन्होंने अल-शरा से कहा कि वह चाहते हैं सीरिया ईरान समर्थित आतंकी समूह हिजबुल्लाह के खिलाफ लड़ाई का नेतृत्व करे।
गल्फ न्यूज और फॉक्स न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा कि उन्होंने सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा से बातचीत में आग्रह किया है कि वह हिजबुल्लाह के खिलाफ मोर्चा संभाले। हर तरह से लड़ाई का नेतृत्व करें। ट्रंप ने समझौते के दौरान लेबनान पर इजराइल के हमले जारी रखने की आलोचना की है। महत्वपूर्ण यह है कि ईरान पोषित हिजबुल्लाह लेबनान में अपनी पैठ जमा चुका है।
ट्रंप ने हिजबुल्लाह के खिलाफ इजराइल के सैन्य अभियान की सार्वजनिक रूप से आलोचना की। उन्होंने कहा कि लड़ाई “बहुत लंबी” खिंच गई है और इसमें बहुत ज्यादा आम नागरिक मारे गए हैं। इन टिप्पणियों से मध्य पूर्व में अमेरिकी कूटनीति में तनाव का एक नया पहलू जुड़ गया है। ट्रंप ने कहा कि उन्होंने इजराइल से भी आग्रह किया है कि वह हिजबुल्लाह का मुकाबला करने में सीरिया को अधिक सक्रिय भूमिका निभाने देने पर विचार करे।
राष्ट्रपति ने कहा, “इजराइल आतंकी समूह हिजबुल्लाह से लंबे समय से लड़ रहा है और बहुत सारे लोग मारे जा रहे हैं। आम नागरिकों वाली रिहायशी इमारतें नष्ट हो गई हैं। इन इमारतों में सभी हिजबुल्लाह के सदस्य नहीं रहते थे। आप किसी को ढूंढ रहे हों तो हर बार आपको अपार्टमेंट की इमारतें गिराने की जरूरत नहीं है। इसके और भी तरीके हो सकते हैं। ” ट्रंप ने कहा, “अगर इजराइल बाकी लोगों को मारे बिना यह काम नहीं कर सकता तो वह काम सीरिया करेगा।”
साभार – हिस
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