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बाल श्रम उन्मूलन रथ को दिखाई गई हरी झंडी
भुवनेश्वर। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर ओडिशा सरकार के श्रम एवं कर्मचारी राज्य बीमा विभाग द्वारा खारवेल नगर स्थित श्रम निदेशालय परिसर में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती चित्रा अरुमुगम ने बाल श्रम विरोधी जागरूकता पोस्टर का अनावरण किया तथा ‘बाल श्रम उन्मूलन रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इस मौके पर बाल श्रम के खिलाफ पखवाड़ा-व्यापी जागरूकता अभियान की भी शुरुआत की गई, जो 26 जून 2026 तक राज्यभर में चलाया जाएगा।
अपने संबोधन में अतिरिक्त मुख्य सचिव ने बाल एवं किशोर श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम, 1986 के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर देते हुए कहा कि बाल श्रम उन्मूलन एक बहुआयामी चुनौती है, जिसके समाधान के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों की सुरक्षा और उनके समग्र विकास को सुनिश्चित करने के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा स्कूल एवं जनशिक्षा विभाग के साथ सहयोग को और मजबूत किया गया है।
उन्होंने राज्य को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए सभी हितधारकों से एकजुट होकर कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान श्रम आयुक्त ओडिशा इंद्रमणि त्रिपाठी ने बाल श्रम उन्मूलन रथ अभियान के उद्देश्य और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि अभियान के तहत जिला स्तर पर जागरूकता रैलियां, प्रवर्तन अधिकारियों की बैठकें, निरीक्षण एवं बचाव अभियान तथा विद्यार्थियों को बाल श्रम के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित करने जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राज्य के सभी जिलाधिकारियों और जिला श्रम अधिकारियों को अभियान को प्रभावी और सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।
इस कार्यक्रम में पीपुल्स कल्चरल सेंटर, कम्युनिटी रेडियो एसोसिएशन, इंटरनेशनल जस्टिस मिशन, रुचिका सोशल सर्विस ऑर्गनाइजेशन तथा कैंपेन अगेंस्ट चाइल्ड लेबर (सीएसीएल) सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इसके अलावा श्रम निदेशालय और संयुक्त श्रम आयुक्त कार्यालय, खुर्दा के अधिकारियों की भी कार्यक्रम में सक्रिय सहभागिता रही।
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