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मात्र दो वर्षों में 946 नए राजस्व गांवों की घोषणा
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने अपने दो वर्ष पूरे होने के अवसर पर विकास कार्यों का लेखा-जोखा प्रस्तुत करते हुए राजस्व प्रशासन, जल संसाधन प्रबंधन और अनुसूचित जनजाति एवं अनुसूचित जाति कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों का दावा किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1992 से 2023 तक 32 वर्षों में राज्य में केवल 1,075 नए राजस्व गांव घोषित किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार ने मात्र दो वर्षों में 946 नए राजस्व गांवों की घोषणा की है। इसके अलावा, वसुंधरा योजना के तहत 28,531 भूमिहीन परिवारों को चार डिसमिल आवासीय भूमि के पट्टे प्रदान किए गए हैं। वहीं 25,643 सरकारी और अनुदान प्राप्त शिक्षण संस्थानों को भूमि पट्टे दिए गए तथा 108 नए उप-पंजीयन (सब-रजिस्ट्रेशन) कार्यालय खोले गए हैं।
सिंचाई क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर
जल संसाधन क्षेत्र में सरकार ने किसानों को पर्याप्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने को प्राथमिकता बताया। मुख्यमंत्री के अनुसार, छह इन-स्ट्रीम स्टोरेज परियोजनाओं के पूरा होने से 50 गांवों में 908.42 हेक्टेयर-मीटर जल भंडारण क्षमता बढ़ी है।
खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत
सरकार ने 78,572 हेक्टेयर कमांड क्षेत्र में 1,941 किलोमीटर लंबे आरसीसी लाइनिंग वाले फील्ड चैनलों का निर्माण कर खेतों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था मजबूत की है। साथ ही 22 लघु सिंचाई परियोजनाओं के वितरण तंत्र को विकसित कर 5,703 हेक्टेयर से अधिक भूमि के लिए सिंचाई क्षमता सृजित की गई है।
सिंचाई सुविधाओं को गिनाया
मुख्यमंत्री ने बताया कि आनंदपुर बैराज, लोअर सुकतेल और कुसुमी बैराज के अंतर्गत प्रमुख भूमिगत पाइपलाइन नेटवर्क विकसित किए गए हैं, जिनसे 4,513 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके अतिरिक्त 27,325 नई लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के जरिए 1.82 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता बनाई गई है।
31,318 हेक्टेयर भूमि सुनिश्चित सिंचाई के दायरे में आई
उन्होंने कहा कि ‘गंगाधर मेहर लिफ्ट कैनाल विस्तार परियोजना’ के माध्यम से 31,318 हेक्टेयर भूमि को सुनिश्चित सिंचाई के दायरे में लाया गया है। सरकार ने अगले चार वर्षों में 15 लाख हेक्टेयर भूमि तक सिंचाई सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।
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