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राज्य प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने पूछे सवाल
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रिपोर्ट में ऐसा क्या था, जिससे उसे गायब कर दी गई
भुवनेश्वर। भाजपा के राज्य प्रवक्ता अनिल बिस्वाल ने गुरुवार को स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या से संबंधित नायडू आयोग की रिपोर्ट के कथित रूप से गायब होने को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री नवीन पटनायक से सवाल किए।
अनिल बिस्वाल ने पूछा कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या पर जांच आयोग की रिपोर्ट में ऐसा क्या था, जिसके कारण कथित रूप से बीजेडी सरकार और तत्कालीन मुख्यमंत्री इतने चिंतित हो गए कि वह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से गायब कर दी गई?
नवीन बाबू को कभी माफ नहीं करेंगे
उन्होंने आगे कहा कि ओडिशा के लोग ऐसे कृत्य के लिए 24 वर्षों तक मुख्यमंत्री रहे नवीन बाबू को कभी माफ नहीं करेंगे। यदि यह सच है, तो यह घटना उनके राजनीतिक इतिहास पर स्थायी दाग लगा सकती है। यह केवल राजनीतिक साजिश नहीं है, बल्कि इस बात का भी प्रमाण है कि पूर्व बीजेडी सरकार ने राज्य में धर्मांतरण गतिविधियों में शामिल ताकतों को संरक्षण दिया।
नवीन की रोम यात्रा का क्या था उद्देश्य
बिस्वाल ने यह भी सवाल उठाया कि पूर्व मुख्यमंत्री की रोम यात्रा का क्या उद्देश्य था और क्या उस यात्रा का स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती हत्या आयोग की रिपोर्ट के गायब होने से कोई संबंध है? क्या यह किसी विदेशी संगठन को शर्मिंदगी से बचाने के लिए किया गया था? ये ऐसे कई सवाल हैं जो आज ओडिशा के लोगों के मन में हैं।
उन्होंने कहा कि 2016 में नायडू आयोग की रिपोर्ट तत्कालीन मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को सौंपी गई थी। इसके बावजूद, बार-बार मांग किए जाने के बाद भी इसे उनके पूरे कार्यकाल में 2024 तक सार्वजनिक नहीं किया गया। इसके पीछे के वास्तविक कारण अब धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।
रिपोर्ट सार्वजनिक करना हमारे चुनावी घोषणा-पत्र का एक वादा
भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती की हत्या से संबंधित आयोग की रिपोर्ट को सार्वजनिक करना हमारे चुनावी घोषणा-पत्र का एक वादा था। हम स्वामीजी की हत्या करने वालों और इसके पीछे शामिल लोगों को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध थे और आगे भी रहेंगे। हम यह वादा निश्चित रूप से पूरा करेंगे।
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