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1,500 करोड़ रुपये की योजना से 5,500 एकड़ भूमि होगी विकसित
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निवेश और रोजगार के खुलेंगे नए अवसर
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कैबिनेट ने सिंचाई, आवास, पेयजल और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं को दी मंजूरी
भुवनेश्वर। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में पर्यटन, सिंचाई, आवास, पेयजल और शहरी विकास से जुड़ी कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को मंजूरी दी गई। इन फैसलों का उद्देश्य राज्य में निवेश आकर्षित करना, रोजगार के अवसर बढ़ाना, कृषि क्षेत्र को मजबूत करना और नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाना है।
कैबिनेट ने पर्यटन विभाग की ‘लैंड बैंक फॉर हॉस्पिटैलिटी इंफ्रास्ट्रक्चर योजना’ को मंजूरी दी। इस योजना के तहत राज्यभर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर लगभग 5,500 एकड़ सरकारी और निजी भूमि की पहचान कर उसे निवेश के लिए तैयार किया जाएगा।
इसमें पुरी, कोणार्क, चिलिका, धौली, हीराकुद, सातकोसिया, सिमिलिपाल, भितरकनिका, दारिंगबाड़ी, बौध पर्यटन सर्किट तथा तलसरी जैसे प्रमुख और उभरते पर्यटन स्थलों को शामिल किया गया है।
मुख्य सचिव अनु गर्ग ने बताया कि इस योजना के तहत होटल, रिसॉर्ट, इको-टूरिज्म परियोजनाएं, वेलनेस सेंटर और कन्वेंशन सेंटर स्थापित करने के लिए तैयार भूमि उपलब्ध कराई जाएगी। वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों में 1,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे बड़े पैमाने पर निजी निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
भुवनेश्वर में 24 घंटे पेयजल आपूर्ति की तैयारी
राजधानी भुवनेश्वर के नए शहरी क्षेत्रों में 24×7 पेयजल आपूर्ति परियोजना को भी मंजूरी दी गई। 112.31 करोड़ रुपये की लागत वाली यह परियोजना अप्रैल 2028 तक पूरी की जाएगी।
वाटको द्वारा क्रियान्वित की जाने वाली इस परियोजना के तहत महानदी से जल आपूर्ति, व्यापक पाइपलाइन नेटवर्क, ऊंचे जलाशयों का निर्माण तथा आधुनिक एससीएडीए प्रणाली के जरिए जल प्रबंधन किया जाएगा।
प्रधानमंत्री आवास योजना लाभार्थियों को बड़ी राहत
कैबिनेट ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 तथा अन्य किफायती आवास योजनाओं के लाभार्थियों के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में बड़ी कटौती को मंजूरी दी है।
अब इन श्रेणियों के लाभार्थियों को संपत्ति पंजीकरण के लिए 6-7 प्रतिशत की जगह केवल 0.6 से 0.7 प्रतिशत शुल्क देना होगा। इससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी और किफायती आवास योजनाओं को गति मिलेगी।
एशिया के प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगा ओडिशा
कैबिनेट के इन निर्णयों को राज्य के आर्थिक विकास, पर्यटन विस्तार, कृषि समृद्धि और शहरी आधुनिकीकरण की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार का लक्ष्य ओडिशा को निवेश, पर्यटन और सतत विकास के क्षेत्र में देश ही नहीं, बल्कि एशिया के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।
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