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मुख्यमंत्री माझी ने 4,000 करोड़ रुपये की ब्लॉक स्टेडियम परियोजना और मुख्यमंत्री ट्रॉफी का किया शुभारंभ
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हर ब्लॉक में बनेगा अत्याधुनिक स्टेडियम, ग्रामीण व जनजातीय प्रतिभाओं को मिलेगी नई पहचान
भुवनेश्वर। ओडिशा को देश की अग्रणी खेल शक्ति बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने खेल एवं युवा सेवा विभाग द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘चिंतन शिविर’ के समापन समारोह में 4,000 करोड़ रुपये की ब्लॉक स्तरीय खेल अवसंरचना परियोजना और ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ की घोषणा की।
राज्य में पहली बार आयोजित इस चिंतन शिविर का उद्देश्य जमीनी स्तर से लेकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक खेलों के समग्र विकास के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार करना है।
मुख्यमंत्री माझी ने अपने संबोधन में कहा कि खेल केवल पदक और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और विपरीत परिस्थितियों का सामना करने का साहस सिखाता है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस चिंतन शिविर से निकलने वाले सुझाव ओडिशा को केवल बड़े खेल आयोजनों का सफल मेजबान ही नहीं, बल्कि विश्व स्तरीय खिलाड़ियों की स्थायी नर्सरी भी बनाएंगे।
विश्व चैंपियनों की सूची में चमकेंगे ओडिशा के खिलाड़ी
उन्होंने कहा कि वर्ष 2036 तक ओडिशा के खिलाड़ी वैश्विक खेल मंच पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएंगे और विश्व चैंपियनों की सूची में चमकते नजर आएंगे।
खेल विकास के लिए बड़े फैसले
मुख्यमंत्री ने खेल क्षेत्र के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की घोषणा की। इसके तहत राज्य के प्रत्येक ब्लॉक में अत्याधुनिक बहुउद्देशीय स्टेडियमों के निर्माण पर 4,000 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में खेल सुविधाओं का विस्तार होगा और प्रतिभाओं को स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर मिलेंगे।
‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ शुरू की जाएगी
ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों की उभरती प्रतिभाओं की पहचान और उन्हें निखारने के लिए ‘मुख्यमंत्री ट्रॉफी’ शुरू की जाएगी। यह पहल राज्यभर में प्रतिभा खोज अभियान के रूप में कार्य करेगी।
इसके अलावा गोठापाटणा में लगभग 1,000 करोड़ रुपये की लागत से एक विशाल बहुउद्देशीय खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा।
अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करेगा ओडिशा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले वर्ष विश्व एथलेटिक्स कांस्य स्तर प्रतियोगिता के सफल आयोजन के बाद इस वर्ष ओडिशा विश्व एथलेटिक्स सिल्वर स्तर प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा। वहीं वर्ष 2028 में राज्य को विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप और एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी का अवसर मिलेगा।
उन्होंने “हैप्पी कोचेज, हैप्पी एथलीट्स, हैप्पी अचीवर्स” के मंत्र को दोहराते हुए कहा कि खेल क्षेत्र ओडिशा को 2036 तक समृद्ध राज्य और भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
‘वन मल्ली’ की खुशबू दुनिया तक पहुंचे: सूर्यवंशी सूरज
खेल एवं युवा सेवा मंत्री सूर्यवंशी सूरज ने भावुक अंदाज में कहा कि जंगल में खिलने वाला फूल अब अनदेखा होकर मुरझाए नहीं। अब समय आ गया है कि हमारी ‘वन मल्ली’ की सुगंध विश्व मंच तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों की प्रतिभाओं को आगे लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
चिंतन शिविर में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय खेल विशेषज्ञों, प्रशासकों और खिलाड़ियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में दिलीप तिर्की, भूपेंद्र सिंह पूनिया, डॉ येदुल्ला विजय सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। अतिरिक्त मुख्य सचिव विजय कुमार स्वाईं ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया।
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