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नागरिकों को त्वरित न्याय दिलाने की पहल
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आवास एवं शहरी विकास विभाग का अभिनव कदम
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प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता को मिला बल
भुवनेश्वर। नागरिकों को त्वरित न्याय उपलब्ध कराने और जनकेंद्रित सुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से ओडिशा के आवास एवं शहरी विकास विभाग ने शुक्रवार को उन्नति भवन, भुवनेश्वर में एक विशेष शिविर न्यायालय का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य ओडिशा विकास प्राधिकरण अधिनियम, 1982 के तहत दायर अपील मामलों के शीघ्र निपटारे को सुनिश्चित करना था।
यह विशेष शिविर न्यायालय आवास एवं शहरी विकास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव उषा पाढ़ी के नेतृत्व में आयोजित किया गया। भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण और भुवनेश्वर नगर निगम से संबंधित मामलों की नामित अपीलीय प्राधिकारी होने के नाते उषा पाढ़ी ने स्वयं दिनभर चली सुनवाई की अध्यक्षता की और लंबित अपीलों की विस्तृत समीक्षा की।
शिविर न्यायालय के दौरान कुल 142 अपील मामलों की सुनवाई कर उनका निपटारा किया गया। ये मामले मुख्य रूप से ओडिशा विकास प्राधिकरण अधिनियम के प्रावधानों के तहत भुवनेश्वर विकास प्राधिकरण और भुवनेश्वर नगर निगम द्वारा जारी आदेशों के विरुद्ध नागरिकों द्वारा दायर अपीलों से संबंधित थे।
यह पहल विभाग की पारदर्शी, उत्तरदायी और सुलभ प्रशासनिक व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। शिविर न्यायालय ने नागरिकों को अपनी शिकायतों के समाधान तथा प्रशासनिक निर्णयों को चुनौती देने के लिए एक प्रभावी मंच उपलब्ध कराया, जिससे निष्पक्षता, जवाबदेही और विधिसम्मत प्रक्रिया के सिद्धांतों को और मजबूती मिली।
अपील व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य सरकार ने हाल ही में विशेष सचिवों और अतिरिक्त सचिवों सहित वरिष्ठ अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में अपीलीय प्राधिकारी के रूप में नामित किया है। विकेंद्रीकृत व्यवस्था के माध्यम से मामलों के त्वरित निपटारे और शहरी क्षेत्रों में सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।
विशेष शिविर न्यायालय को नागरिकों और विभिन्न हितधारकों से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। आवास एवं शहरी विकास विभाग ने लंबित मामलों के निपटारे और शहरी प्रशासनिक संस्थाओं के प्रति जनविश्वास को और मजबूत करने के लिए भविष्य में भी चरणबद्ध और समयबद्ध तरीके से ऐसे शिविरों का आयोजन जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया है।
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