-
10.23 करोड़ रुपये का लाभ और 1,036.82 करोड़ रुपये का सर्वाधिक कारोबार
-
दुग्ध किसानों की आय बढ़ाने और पूरे ओडिशा में विस्तार की तैयारी
-
मंत्री गोकुलानंद मलिक ने की समीक्षा
भुवनेश्वर। ओडिशा राज्य सहकारी दुग्ध उत्पादक महासंघ (ओमफेड) ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इसी अवधि में ओमफेड ने 1,036.82 करोड़ रुपये का अब तक का सर्वाधिक कारोबार भी दर्ज किया है। यह उपलब्धि संचालन सुधारों, आधारभूत संरचना के विस्तार और किसान-केंद्रित पहलों का परिणाम मानी जा रही है।
यह जानकारी शुक्रवार को भुवनेश्वर में मत्स्य एवं पशु संसाधन विकास मंत्री गोकुलानंद मलिक की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में दी गई।
बैठक में मंत्री ने कहा कि ओमफेड उपभोक्ताओं के बीच गुणवत्ता, शुद्धता और स्वाद का विश्वसनीय प्रतीक बनकर उभरा है। साथ ही यह राज्य के लाखों दुग्ध किसानों की आर्थिक स्थिति को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। उन्होंने दूध उत्पादन बढ़ाने, बाजार का विस्तार करने, नए दुग्ध उत्पाद विकसित करने और प्रबंधन सुधारों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया।
श्वेत क्रांति में ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका रही
मंत्री ने कहा कि श्वेत क्रांति में ओडिशा की महत्वपूर्ण भूमिका रही है और राज्य सरकार दूध तथा दुग्ध उत्पादों के क्षेत्र में ओडिशा को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
समीक्षा बैठक में दुग्ध सहकारी समितियों, डेयरी संयंत्रों, दूध संग्रहण प्रणाली और आधारभूत संरचना उन्नयन से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति का भी आकलन किया गया।
विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश
मंत्री ने अधिकारियों को संचालन संबंधी चुनौतियों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
सोनपुर और टांगी में नए डेयरी संयंत्र स्थापित
विभाग के आयुक्त-सह-सचिव प्रेम चंद्र चौधरी ने बताया कि दुग्ध किसानों के कल्याण के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। राज्य में दूध प्रसंस्करण क्षमता बढ़ाने के लिए सोनपुर में 50 हजार लीटर और टांगी में 30 हजार लीटर क्षमता वाले नए डेयरी संयंत्र स्थापित किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में 1,061 नई दुग्ध सहकारी समितियों का पंजीकरण भी किया गया है, जिससे राज्य में सहकारी नेटवर्क का विस्तार हुआ है।
दूध संग्रहण व्यवस्था लागू करने पर विशेष ध्यान
ओमफेड के प्रबंध निदेशक विजय अमृत कुलांगे ने महासंघ की भावी कार्ययोजना प्रस्तुत करते हुए कहा कि वर्ष 2030 तक लगभग 3.28 लाख दुग्ध किसानों की आर्थिक समृद्धि सुनिश्चित करने, दूध उत्पादन बढ़ाने और सरल दूध संग्रहण व्यवस्था लागू करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। उन्होंने दूध और दुग्ध उत्पादों में आत्मनिर्भरता हासिल करने की आवश्यकता पर भी बल दिया।
राज्यभर में 21 नए दुग्ध शीतलीकरण केंद्र स्थापित
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री कामधेनु योजना के तहत राज्यभर में 21 नए दुग्ध शीतलीकरण केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे शीत श्रृंखला व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
वर्तमान में ओमफेड 4,455 दुग्ध सहकारी समितियों के माध्यम से लगभग 3.24 लाख किसानों से प्रतिदिन 6.70 लाख लीटर दूध संग्रह कर रहा है। ग्रामीण स्तर पर दूध संग्रहण को और सुदृढ़ बनाने के लिए राज्य के विभिन्न प्रखंडों में 160 नए दूध संग्रहण केंद्र भी खोले जा रहे हैं।
Indo Asian Times A Hindi Digital News Portal
