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स्क्रीन टाइम के खिलाफ अभाविप की मुहिम से जुड़ने का किया आह्वान
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युवाओं को जिम्मेदार और राष्ट्रभक्त बनाने पर दिया जोर
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व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण पर अभाविप का फोकस
भुवनेश्वर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ वीरेंद्र सिंह सोलंकी ने युवाओं और खासकर छात्र-छात्राओं से स्क्रीन टाइम से एक्टिविटी टाइम की ओर बढ़ने का आह्वान किया। युवाओं में बढ़ते स्क्रीन टाइम और डिजिटल निर्भरता को देखते हुए अभाविप द्वारा देशभर में चलाए जा रहे विशेष जागरूकता अभियानओं से जुड़ने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि संगठन का उद्देश्य युवाओं को मोबाइल और स्क्रीन की दुनिया से निकालकर सामाजिक, सांस्कृतिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। इसके लिए विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम और वैचारिक अभियान चलाए जा रहे हैं।
एक्टिविटी टाइम की ओर बढ़ाने का प्रयास
डॉ सोलंकी ने कहा कि आज युवाओं का अत्यधिक समय मोबाइल, सोशल मीडिया और मनोरंजन आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बीत रहा है। कुछ ही सेंकेंड में रील के बदलते कंटेंट से युवाओं की एकाग्रता, इच्छाशक्ति और मानसिक संतुलन प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लगातार बढ़ते स्क्रीन टाइम के कारण युवाओं में “इमोशनल टर्बुलेंस” यानी भावनात्मक अस्थिरता बढ़ रही है। साथ ही छात्रों की कंसंट्रेशन क्षमता और विल पावर भी कमजोर हो रही है।
इसी को ध्यान में रखते हुए अभाविप “स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम” अभियान चला रहा है, जिसके तहत युवाओं को खेल, सामाजिक सेवा, सांस्कृतिक गतिविधियों और रचनात्मक कार्यक्रमों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
विद्यार्थियों को वैचारिक आंदोलन से जोड़ने पर जोर
डॉ सोलंकी ने कहा कि अभाविप केवल छात्र राजनीति तक सीमित नहीं है, बल्कि छात्रों के व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की दिशा में भी काम कर रहा है।
उन्होंने कहा कि संगठन युवाओं को जिम्मेदार नागरिक और राष्ट्रभक्त बनाने के उद्देश्य से वैचारिक आंदोलनों से जोड़ रहा है। देशभर के कैंपसों में “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन कराया जा रहा है और छात्रों को “भारत माता की जय” के भाव के साथ देशहित में कार्य करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
गुरु तेग बहादुर और बिरसा मुंडा की गाथाओं से जोड़ने की पहल
अभाविप राष्ट्रीय महामंत्री ने बताया कि संगठन गुरु तेग बहादुर के 350वें बलिदान दिवस पर उनकी वीरता और बलिदान की गाथाओं को युवाओं तक पहुंचा रहा है।
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