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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने ढिंकिया में किया शिलान्यास
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पारादीप में बनेगा विशाल एकीकृत इस्पात संयंत्र
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जगतसिंहपुर जिले के ढिंकिया में 65 हजार करोड़ रुपये की बहुप्रतीक्षित जेएसडब्ल्यू उत्कल स्टील परियोजना की आधारशिला रखी। इसे ओडिशा के औद्योगिक विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर उद्योग मंत्री संपद स्वाईं तथा सज्जन जिंदल भी उपस्थित रहे। यह परियोजना ओडिशा में निजी क्षेत्र के सबसे बड़े निवेशों में शामिल है।
पारादीप में बनेगा 13.2 एमटीपीए क्षमता वाला इस्पात संयंत्र
करीब 65 हजार करोड़ रुपये के निवेश से पारादीप में 13.2 मिलियन टन प्रतिवर्ष क्षमता वाला एकीकृत इस्पात संयंत्र स्थापित किया जाएगा। लगभग 2,950 एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाली यह परियोजना ओडिशा की समुद्री तट स्थिति, बंदरगाह संपर्क और मजबूत परिवहन ढांचे का लाभ उठाएगी। इससे घरेलू बाजार के साथ-साथ वैश्विक बाजारों को भी आपूर्ति की जाएगी।
ओडिशा को औद्योगिक केंद्र बनाने की दिशा में बड़ा कदम
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि यह परियोजना ओडिशा की नई औद्योगिक सोच और विकास दृष्टि को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि पूर्व में दक्षिण कोरिया की इस्पात कंपनी पोस्को की परियोजना पूर्ववर्ती सरकारों की इच्छाशक्ति की कमी के कारण सफल नहीं हो सकी थी। अब जेएसडब्ल्यू का निवेश यह दिखाता है कि ओडिशा की नीतियों और औद्योगिक संभावनाओं पर उद्योग जगत का भरोसा बढ़ा है।
चरणबद्ध तरीके से होगा परियोजना का विस्तार
जेएसडब्ल्यू समूह के अध्यक्ष सज्जन जिंदल ने कहा कि पारादीप इस्पात संयंत्र का विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा और बाजार की मांग के अनुसार इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। उन्होंने इसे जेएसडब्ल्यू स्टील के विकास का महत्वपूर्ण पड़ाव बताते हुए भारत के विनिर्माण क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य पर विश्वास जताया।
‘मिशन पूर्वोदय’ को मिलेगा बल
यह परियोजना भारत सरकार की ‘मिशन पूर्वोदय’ पहल के अनुरूप है, जिसका उद्देश्य पूर्वी भारत की औद्योगिक क्षमता को बढ़ावा देना है। परियोजना के संचालन में आने के बाद ओडिशा देश के प्रमुख इस्पात केंद्र के रूप में और मजबूत होगा तथा भारत के औद्योगिक परिवर्तन में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
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