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ईओडब्ल्यू ने की बड़ी कार्रवाई
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फर्जी सोना गिरवी रख 105 गोल्ड लोन मंजूर करने का आरोप
भुवनेश्वर। आर्थिक अपराध शाखा, ओडिशा ने 5.21 करोड़ रुपये के बड़े गोल्ड लोन घोटाले में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के दो अधिकारियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान चंदन कुमार महला और देवेंद्र निरंजन साहू के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार को हिरासत में लिया गया और उन्हें कटक स्थित ओपीआईडी एक्ट सह विशेष ईओडब्ल्यू अदालत में पेश किया गया।
अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच हुआ घोटाला
ईओडब्ल्यू के अनुसार यह मामला जगतसिंहपुर स्थित एसबीआई के क्षेत्रीय प्रबंधक पीयूष रंजन स्वाईं की लिखित शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया कि अक्टूबर 2024 से जुलाई 2025 के बीच एसबीआई की बालीचंद्रपुर शाखा, जाजपुर के गोल्ड अप्रेजर प्रशांत कुमार मल्लिक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर फर्जी सोना गिरवी रखकर और बिना उचित दस्तावेजों के 105 गोल्ड लोन स्वीकृत एवं वितरित किए।
87 लोन तत्कालीन मुख्य प्रबंधक ने किए मंजूर
जांच में सामने आया कि वर्तमान में भुवनेश्वर स्थित एसबीआई प्रशासनिक कार्यालय में मुख्य प्रबंधक के पद पर कार्यरत चंदन कुमार महला उस समय बालीचंद्रपुर शाखा के मुख्य प्रबंधक थे। उन्होंने कथित रूप से 4.38 करोड़ रुपये के 87 गोल्ड लोन मंजूर किए थे।
वहीं देवेंद्र निरंजन साहू, जो उस समय शाखा में वरिष्ठ सहयोगी-सह-कैश प्रभारी के रूप में कार्यरत थे, ने 73.85 लाख रुपये के 16 गोल्ड लोन स्वीकृत किए थे।
10.6 किलो नकली सोना गिरवी रखने का खुलासा
ईओडब्ल्यू की जांच में पता चला कि जिन 105 गोल्ड लोन के आधार पर कुल 5,21,42,000 रुपये स्वीकृत किए गए, उनमें गिरवी रखे गए 10,646.58 ग्राम सोने के आभूषण नकली और फर्जी पाए गए। 21 जुलाई 2025 तक इन ऋण खातों पर बकाया राशि 5.23 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी थी।
62 खातों में बिना सोना रखे ही जारी हुआ लोन
जांच में यह भी सामने आया कि 105 में से 62 खातों में बिना किसी सोने के आभूषण के ही ऋण स्वीकृत कर दिया गया था। कई फाइलों से जरूरी दस्तावेज, गोल्ड वैल्यूएशन रिपोर्ट गायब मिलीं और उधारकर्ताओं के हस्ताक्षर भी फर्जी पाए गए।
पहले ही गिरफ्तार हो चुका है गोल्ड अप्रेजर
ईओडब्ल्यू इस मामले में पहले ही आरोपी गोल्ड अप्रेजर प्रशांत कुमार मलिक को 21 अप्रैल 2026 को गिरफ्तार कर चुकी है। वह फिलहाल न्यायिक हिरासत में है।
मोबाइल, पासबुक और बैंक कार्ड जब्त
जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, मोबाइल फोन, विभिन्न बैंकों की पासबुक तथा क्रेडिट और डेबिट कार्ड जब्त किए गए हैं। ईओडब्ल्यू ने कहा है कि मामले की जांच अभी जारी है।
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