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मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आभार व्यक्त किया
भुवनेश्वर। ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नॉर्वे यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री द्वारा ओडिशा की पारंपरिक कला एवं शिल्प को अंतरराष्ट्रीय मंच पर विशेष स्थान दिए जाने पर गर्व और आभार व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर भारत की सभ्यतागत समृद्धि को विश्व पटल पर प्रस्तुत करते हुए ओडिशा की कालजयी कला विरासत को एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक अवसर का हिस्सा बनाया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नॉर्वे की महारानी क्वीन सोन्या को ओडिशा की प्राचीन मंदिर परंपरा से जुड़ी पाम लीफ पट्टचित्र कला भेंट की। यह कला सदियों पुरानी सूक्ष्म कारीगरी और भक्ति भाव से प्रेरित पारंपरिक शिल्पकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
वहीं, नॉर्वे के महाराज किंग हेराल्ड पंचम को प्रधानमंत्री ने कटक की प्रसिद्ध तारकसी कला (Cuttack Filigree) से निर्मित चांदी की नौका भेंट की। यह कलाकृति ओडिशा के कुशल शिल्पकारों की अद्भुत हस्तकला, भारत की समृद्ध समुद्री विरासत तथा भारत-नॉर्वे के मैत्रीपूर्ण संबंधों का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री माझी ने कहा कि ओडिशा की दो प्रतिष्ठित कला विधाओं का इस तरह के विशिष्ट कूटनीतिक आदान-प्रदान का हिस्सा बनना राज्य के कलाकारों और शिल्पकारों के लिए गर्व का विषय है। यह भारत की जीवंत सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक स्तर पर मिल रही बढ़ती पहचान का भी प्रमाण है।
उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने ओडिशा की आत्मा और उसकी जीवित परंपराओं को विश्व मंच तक पहुंचाने का कार्य किया है, जिससे राज्य के शिल्पकारों की कला को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिल रही है।
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