काठमांडू। संसद की प्रतिनिधि सभा की बैठक में प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह के उपस्थित न होने पर विपक्षी दलों का विरोध गुरुवार को भी जारी रहा। सदन में प्रमुख विपक्षी दल नेपाली कांग्रेस सहित यूएमएल, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी (नेकपा), श्रम संस्कृति पार्टी और राप्रपा के सांसदों ने विरोध दर्ज कराया।
स्पीकर डोल प्रसाद (डीपी) अर्याल ने प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह की ओर से ‘प्रतिनिधि सभा सदस्य निर्वाचन (पहला संशोधन) विधेयक’ पर विचार किए जाने का प्रस्ताव प्रस्तुत करने की अनुमति कानून, न्याय एवं संसदीय मामलों की मंत्री सोविता गौतम को दी थी। गुरुवार को भी प्रधानमंत्री के सदन में न आने पर विपक्षी दलों के सांसद खड़े होकर विरोध जताने लगे। उनका कहना था कि प्रतिनिधि सभा के नियमावली के अनुसार प्रधानमंत्री शाह का सदन में उपस्थित होना आवश्यक है।
प्रतिनिधि सभा नियमावली की धारा 56 (1) में प्रत्येक महीने के पहले सप्ताह में प्रधानमंत्री के साथ प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित करने का प्रावधान है। विपक्षी दलों का कहना है कि उसी व्यवस्था के अनुसार प्रधानमंत्री को सदन में उपस्थित होना चाहिए। इस महीने का आखिरी सप्ताह आने के कारण भी विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री की संसद में उपस्थिति पर जोर दिया। विपक्षी सांसदों ने कहा कि जब तक प्रधानमंत्री शाह संसद में नहीं आते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
साभार – हिस
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