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शुक्रवार सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें
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अफवाहों के कारण नहीं थम रही भीड़
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कई पंपों पर लगे ‘नो स्टॉक’ बोर्ड
भुवनेश्वर। ओडिशा में संभावित ईंधन संकट की अफवाहों के बीच पेट्रोल और डीजल की पैनिक खरीदारी थमने का नाम नहीं ले रही है। गुरुवार देर रात के बाद शुक्रवार सुबह से राज्य के कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। लगातार बढ़ती भीड़ पेट्रोल पंप संचालकों और प्रशासन के लिए सिरदर्द बन गई है।
राजधानी भुवनेश्वर समेत कटक, संबलपुर, राउरकेला और कई अन्य जिलों में लोगों ने बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पेट्रोल पंपों का रुख किया। अचानक बढ़ी मांग के कारण कुछ पेट्रोल पंपों पर अस्थायी रूप से ‘नो स्टॉक’ बोर्ड भी लगाने पड़े।
उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन ने संकट से किया इनकार
उत्कल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के महासचिव संजय लाठ ने शुक्रवार को भी राज्य में किसी भी प्रकार के ईंधन संकट से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और लोगों को अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।
उन्होंने बताया कि पिछले दो से तीन दिनों में घबराहट के कारण ईंधन की खरीदारी अचानक बढ़ गई, जिससे सामान्य आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनके अनुसार पिछले तीन दिनों में पेट्रोल और डीजल की बिक्री में करीब 50 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
मोदी की अपील को गलत तरीके से समझा गया
संजय लाठ ने फिर दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मितव्ययिता अपनाने और ईंधन बचत की अपील को कुछ लोगों ने संभावित तेल संकट से जोड़कर देख लिया। इसके बाद लोगों ने जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करना शुरू कर दिया, जिससे कई पंपों पर दबाव बढ़ गया।
अधिकांश पंपों पर शाम तक सामान्य हुई आपूर्ति
संजय लाठ ने बताया कि गुरुवार को राज्य के लगभग 3,000 पेट्रोल पंपों में से केवल करीब 100 पंपों और भुवनेश्वर के 41 पंपों में से 3 से 4 पंपों पर ही अस्थायी कमी देखी गई थी। अधिकांश पेट्रोल पंपों पर शुक्रवार शाम तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद है।
उन्होंने लोगों से अनावश्यक भीड़ न लगाने और घबराहट में खरीदारी से बचने की अपील करते हुए कहा कि राज्य में किसी प्रकार की राशनिंग लागू नहीं की गई है और लोग अपनी आवश्यकता के अनुसार सामान्य रूप से ईंधन भरवा सकते हैं।
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