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नेपाल में दो दिनों के सार्वजनिक अवकाश के बाद पेट्रोलियम पदार्थ की खपत में भारी गिरावट

काठमांडू। नेपाल में पिछले माह के मुकाबले अधिकांश पेट्रोलियम पदार्थों की खपत में कमी आई है। हालिया आंकड़ों के अनुसार पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में भारी वृद्धि के बाद सरकार द्वारा सप्ताह में दो दिन सार्वजनिक अवकाश लागू करने के निर्णय का असर ईंधन की खपत पर पड़ा है।
सरकार ने पेट्रोलियम पदार्थों की खपत कम करने के उद्देश्य से पिछले महीने से सप्ताह में दो दिन सार्वजनिक अवकाश देने का निर्णय लागू किया था। इसी नीति के बाद पेट्रोल, डीजल, मिट्टी तेल और खाना पकाने वाली गैस की मांग में गिरावट दर्ज की गई।
ताजा रिपोर्ट के अनुसार पेट्रोल, डीजल, मिट्टी तेल और एलपी गैस की खपत घटी है, जबकि हवाई ईंधन की खपत में कुछ वृद्धि हुई है। आंकड़ों के मुताबिक सबसे बड़ी गिरावट डीजल की खपत में देखी गई है।
15 मार्च से 15 अप्रैल तक 1 लाख 40 हजार 29 किलोलीटर डीजल की खपत हुई थी, जो 15 मई तक घटकर 1 लाख 2 हजार 71 किलोलीटर रह गई। यानी लगभग 37 हजार किलोलीटर की कमी आई।
इसी प्रकार पेट्रोल की खपत में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई। पिछले महीने 59 हजार 938 किलोलीटर पेट्रोल की खपत हुई थी, जो इस महीने में घटकर 58 हजार 680 किलोलीटर रह गई।
मिट्टी तेल की खपत में भारी गिरावट देखी गई। पिछले महीने में 1 हजार 283 किलोलीटर मिट्टी तेल उपयोग हुआ था, जबकि इस महीने में यह घटकर केवल 248 किलोलीटर रह गया।
खाना पकाने वाली एलपी गैस की खपत भी कम हुई है। पिछले महीने में 38 हजार 799 मेट्रिक टन गैस की खपत हुई थी, जो इस महीने में घटकर 32 हजार 56 मेट्रिक टन पर पहुंच गई।
हालांकि अन्य सभी ईंधनों की खपत में कमी आई है लेकिन हवाई ईंधन की मांग बढ़ी है। पिछले महीने में 18 हजार 244 किलोलीटर हवाई ईंधन की खपत हुई थी, जो इस महीने में बढ़कर 19 हजार 552 किलोलीटर हो गई।
बढ़ते व्यापार घाटे को कम करने के लिए सरकार ने 5 अप्रैल से शनिवार और रविवार को सार्वजनिक अवकाश लागू किया था। इसके बाद बाजार में पेट्रोलियम पदार्थों की मांग में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।
अवकाश नीति लागू होने के बाद 22 अप्रैल से 12 मई तक पेट्रोल की खपत घटकर 38 हजार 622 किलोलीटर रह गई, जो पहले की तुलना में 4 हजार 510 किलोलीटर यानी लगभग 10.45 प्रतिशत कम है।
इसी तरह डीजल की खपत में और भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई। बाद के 21 दिनों में केवल 73 हजार 367 किलोलीटर डीजल की बिक्री हुई, जो पिछले अवधि की तुलना में 32 हजार 403 किलोलीटर यानी लगभग 30.63 प्रतिशत कम है।
नेपाल ऑयल निगम के प्रवक्ता मनोज कुमार ठाकुर ने कहा कि सार्वजनिक अवकाश बढ़ने से पेट्रोल की खपत में कमी आना स्वाभाविक है लेकिन डीजल की खपत घटने के पीछे अन्य कारण भी हो सकते हैं। उन्होंने कहा, “निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि के कारण निर्माण कार्य सुस्त पड़ गया है, जिससे डीजल की खपत भी कम हुई है।”
निर्माण व्यवसायी विनोद घिमिरे ने कहा कि निर्माण सामग्री की अत्यधिक कीमतों के कारण देशभर में कई निर्माण कार्य बंद पड़े हैं। उन्होंने कहा, “निर्माण क्षेत्र में पर्याप्त ईंधन की खपत नहीं हो रही है। अभी काम भी लगभग ठप है।”
इसके अलावा उद्योगों ने भी लागत बढ़ने के कारण उत्पादन क्षमता घटा दी है, जिससे परिवहन गतिविधियों में कमी आई है।
साभार – हिस

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