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परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर उठे सवाल
भुवनेश्वर। प्रतिपक्ष के नेता नवीन पटनायक ने ने नीट-यूजी 2026 परीक्षा को पेपर लीक की रिपोर्टों के बाद रद्द किए जाने को छात्रों के विश्वास पर “गंभीर आघात” बताया है। उन्होंने कहा कि यह घटना देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों द्वारा रखे गए पवित्र विश्वास को गहरी चोट पहुंचाती है। पटनायक के अनुसार, जब परीक्षाओं की निष्पक्षता और पवित्रता प्रभावित होती है, तो यह केवल एक प्रशासनिक त्रुटि नहीं होती, बल्कि लाखों उन अभ्यर्थियों के साथ विश्वासघात है, जिन्होंने अनुशासन के साथ वर्षों तक तैयारी की, अनेक त्याग किए और कठिन परिश्रम किया। उन्होंने यह भी कहा कि यह पहली बार नहीं है जब नीट परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं सामने आई हैं। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं छात्रों में निराशा और संदेह को बढ़ाती हैं, साथ ही मेहनती अभ्यर्थियों के भविष्य को भी खतरे में डालती हैं। नवीन पटनायक ने कहा कि एक राष्ट्र के रूप में भारत अपने युवाओं के भविष्य के साथ जोखिम नहीं ले सकता, क्योंकि वही देश का भविष्य हैं। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता को पुनः स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मांग की कि इस मामले में जल्द से जल्द जवाबदेही तय की जाए और ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए जिससे छात्रों का भरोसा फिर से बहाल हो सके। साथ ही उन्होंने कहा कि प्रणाली को यह सुनिश्चित करना होगा कि किसी भी छात्र की मेहनत और समर्पण को भविष्य में ऐसी खामियों के कारण नुकसान न पहुंचे।
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