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भुवनेश्वर में एबीवीपी का राष्ट्रीय कार्यकारिणी अधिवेशन 28 मई से

  •           देशभर से आएंगे 700 से अधिक प्रतिनिधि

भुवनेश्वर। लगभग 22 वर्षों के अंतराल के बाद अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित होने जा रही है। भगवान श्रीजगन्नाथ की पवित्र भूमि और मंदिरों के शहर भुवनेश्वर स्थित शिक्षा व अनुसंधान विश्वविद्यालय परिसर में यह चार दिवसीय अधिवेशन आगामी 28 मई से 31 मई तक आयोजित किया जाएगा।

इस राष्ट्रीय बैठक में देश के 47 संगठनात्मक प्रांतों के अलावा मित्र राष्ट्र नेपाल और भूटान से भी 700 से अधिक छात्र नेता, शिक्षाविद् और प्रतिनिधि भाग लेंगे। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा और समाज से जुड़े विभिन्न समकालीन विषयों पर व्यापक चर्चा की जाएगी।

इस संबंध में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में एबीवीपी की प्रदेश सचिव दीप्तीमयी प्रतिहारी, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य विश्वजीत पात्र तथा महानगर सचिव राजकुमार सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

उन्होंने बताया कि अधिवेशन का एक प्रमुख आकर्षण 28 मई को विश्वविद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाला भव्य नागरिक अभिनंदन समारोह होगा। इस कार्यक्रम में परिषद के लगभग 1500 पूर्व कार्यकर्ता, शुभचिंतक और समाज के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े प्रतिष्ठित व्यक्तियों के शामिल होने की संभावना है।

संगठन की ओर से बताया गया कि देशभर से आने वाले अतिथियों के स्वागत के लिए भुवनेश्वर के कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक व्यापक तैयारियों में जुटे हुए हैं।

बैठक के दौरान देश की वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और समकालीन सामाजिक परिस्थितियों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी तथा कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए जाएंगे। इन प्रस्तावों के आधार पर आगामी वर्ष में देशभर में शिक्षा सुधार और सामाजिक विकास को लेकर विभिन्न आंदोलन और रचनात्मक कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे।

अधिवेशन का उद्देश्य छात्र समुदाय को राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सक्रिय रूप से सहभागी बनाने के लिए एक स्पष्ट दिशा तय करना भी है।

सांस्कृतिक दृष्टि से भी यह आयोजन विशेष महत्व रखता है। कार्यक्रम के दौरान ओडिशा की समृद्ध संस्कृति और परंपरा पर आधारित एक विशेष प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी। इसके माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों को ओडिशा की गौरवशाली विरासत और ‘लघु भारत’ की सांस्कृतिक झलक देखने का अवसर मिलेगा।

संगठन ने विश्वास जताया कि यह राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक शिक्षा क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने और छात्रों के बीच सामाजिक दायित्वबोध को मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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